संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सिविल जज मिताली अग्रवाल के आदेश पर लोक कमिश्नर ने शहर की ट्रैफिक लाइट की जांच की। इस मामले में अब अदालत में 24 सितंबर को सुनवाई होगी।
ट्रैफिक लाइट की जांच के दौरान कोर्ट की तरफ से नियुक्त लोकल कमिश्नर, नगर परिषद के वकील, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ और शिकायतकर्ता एडवोकेट सुनील भार्गव मौजूद रहे। टीम ने झज्जर चौक, अग्रसेन चौक, बावल चौक और अंबेडकर चौक पर जाकर ट्रैफिक लाइट की स्थिति जानी। मौके पर पीली लाइट्स ही जलती देखी गई। एडवोकेट सुनील भार्गव ने कहा कि आखिर लाइट ठीक प्रकार से कार्य क्यों नहीं कर रही हैं। नगर परिषद की तरफ से कहा गया कि टाइमिंग सेट करनी बाकी है। पुलिस के सामने टाइमिंग सेट होगी। नाई वाली चौक और अभय सिंह चौक पर ट्रैफिक लाइट का मुद्दा उठने पर नगर परिषद की तरफ से जवाब दिया गया कि यह क्षेत्र उनके अधिकार में ही नहीं है। ऐसे में यहां पर ट्रैफिक लाइट को लेकर अभी संशय बना है। जेब्रा क्रॉसिंग की जब जांच की गई तो पता चला कि क्रॉसिंग पुरानी है। लोकल कमिश्नर ने शहर की ट्रैफिक लाइट की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस मामले की कोर्ट में 24 सितंबर को सुनवाई की जाएगी।
इस वजह से किया गया था लोकल कमिश्नर नियुक्त:
बता दें कि नगर परिषद की तरफ से कोर्ट में कहा गया था कि ट्रैफिक लाइट ठीक प्रकार से कार्य कर रही हैं। इस पर एडवोकेट सुनील भार्गव ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि उन्होंने खुद जाकर चेक किया है। कहीं पर ट्रैफिक लाइट उचित रूप से कार्य नहीं कर रही हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को लोकल कमिश्नर नियुक्त किया है ताकि यह पता लगाया जा सके आखिर नगर परिषद के दावों में कितनी सच्चाई है।
पिछले माह 15 दिन का मांगा था समय, फिर भी नहीं बदले हालात
16 अगस्त को जब मामले में सुनवाई हुई थी तब सिविल जज मिताली अग्रवाल की अदालत में नगर परिषद के ईओ संदीप मलिक ने कहा था कि वह ट्रैफिक लाइट्स को चालू कराने के लिए 15 दिन का समय चाहते हैं। कोर्ट में नगर परिषद के ईओ, एक्सईएन और जेई अदालत में पेश हुए थे। अदालत ने आदेश दिए थे कि 15 दिन के अंदर ट्रैफिक लाइट्स को चालू करवाकर पुलिस के हवाले किया जाए। मगर कुछ भी नहीं हो पाया। साथ ही पीडब्लूडी को ट्रैफिक लाइट वाले स्थान पर जेबरा क्रॉसिंग बनाने के आदेश दिए थे। दोनों में से कुछ भी नहीं हो पाया है। वहीं, मामले में नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टाइमिंग सेट करवाकर ट्रैफिक पुलिस को लाइट्स सौंप दी जाएंगी।
यूटिलिटी कोर्ट के आदेश भी नगर परिषद ने नहीं माने थे:
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सीएलजी कमेटी के चेयरमैन सुनील भार्गव ने बताया कि ट्रैफिक लाइटों को लेकर एक शिकायत पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट रेवाड़ी में पिछले वर्ष दायर की थी। कोर्ट ने यह आदेश दिए थे की शहर की ट्रैफिक लाइटों को चलाने के लिए आदेश पारित किए गए थे। नगर परिषद द्वारा शहर की ट्रैफिक लाइटों को नहीं चलाया गया। उसके बाद सुनील भार्गव ने सिविल जज मिताली अग्रवाल की कोर्ट में इजरा दायर की थी।