रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत महिला उद्यमियों को बैंकों के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि यह योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देना है। वर्ष 2025-26 में अब तक 21 मामलों में 2 लाख 3 हजार 514 रुपये की अनुदान राशि दी जा चुकी है।
इस वर्ष जिले में 48 महिलाओं को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत डेयरी और उद्योग विभाग की नकारात्मक गतिविधियों तथा केवीआईबी को छोड़कर सभी गतिविधियों में उद्यम शुरू किए जा सकते हैं। इसमें यातायात वाहन जैसे ऑटो रिक्शा, छोटा सामान ढ़ोने वाले वाहन, थ्री व्हीलर, ई-रिक्शा और टैक्सी शामिल हैं।
इसके अलावा सामाजिक और व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों जैसे सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, फोटोस्टेट, पापड़ व आचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टाल, आइसक्रीम या बिस्कुट बनाने की यूनिट, टिफिऩ सर्विस और मिट्टी के बर्तन बनाने जैसे व्यवसाय भी शामिल हैं। योजना का लाभ लेने के लिए महिला की वार्षिक आय पांच लाख रुपए से कम होना जरूरी है और वह हरियाणा की स्थायी निवासी हो।
ऋण के लिए महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और आवेदनकर्ता पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। समय पर किस्त का भुगतान करने पर तीन वर्षों तक सात प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आवेदन पत्र, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और प्रशिक्षण,अनुभव प्रमाण पत्र शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए महिला उद्यमी हरियाणा महिला विकास निगम, रेवाड़ी कार्यालय, नाई वाली चौक, सती कॉलोनी, गली नंबर 3 में संपर्क कर सकते हैं।