पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे जिले के लोगों को बुधवार दोपहर इंद्रदेव ने थोड़ी राहत दी। करीब साढ़े तीन बजे आई बारिश ने गर्मी से राहत प्रदान की। इससे उमस झेल रहे लोगों को निजात मिली है। वहीं, बारिश के कारण शहर की सड़काें पर जगह-जगह पानी भरने से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी। उधर, मौसम विज्ञानियों ने जिले में 48 घंटे बाद मानसून आने की उम्मीद जताई है।
जिले में पिछले एक सप्ताह पूर्व बारिश हुई थी जिसके बाद गर्मी से राहत मिली थी लेकिन बीच में तापमान फिर से 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। इसके बाद दिन के समय पड़ने वाली चिलचिलाती धूप से जनजीवन पर काफी असर पड़ रहा था। इसलिए लोगों को बारिश का बेसब्री से इंतजार था।
तापमान के साथ बढ़ रही थी किसानों की चिंता
इससे पूर्व हुई बारिश के बाद जिले के अधिकांश किसान बाजरे की बुवाई कर चुके हैं और तापमान बढ़ने के कारण उनकी चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही थी। पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल तो छा रहे थे लेकिन इंद्र देवता मेहरबान नहीं हो रहे थे जिस कारण उमस का माहौल बना हुआ था। हालात यह बन गए थे कि उमस की वजह से पंखे और कूलर से भी राहत नहीं मिल रही थी। हालांकि बुधवार अचानक तेज हवाआें के साथ आई बारिश ने सभी के चेहरे खिला दिए, बाजरे की बुवाई करने वाले किसान भी खुश दिखें। करीब 15 मिनट तक बारिश होती रही।
बारिश से सड़काें पर हुआ जलभराव
कुछ ही समय के लिए हुई बारिश ने लोगाें को भिगों कर रख दिया जिससे लोगाें ने कुछ राहत महसूस की। हालांकि बारिश के कारण शहर की सड़काें पर जगह-जगह पानी जमा हो गया जिससे सड़क पर गुजरने वाले लोगों को बरसाती पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान सड़क पर भरे पानी के बीच से निकलते समय सड़काें में बने गड्ढ़ाें ने लोगाें की परेशानी को और बढ़ा दिया।
48 घंटे बाद दस्तक दे सकता है मानसून
बावल कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामनिवास ने बताया कि उमस का होना जिले के लिए बेहतर है। हालांकि अभी मानसून आने में 48 घंटे बाकी हैं और इसी तरह का मौसम बना रहा तो बारिश के लिए अच्छा होगा। हालांकि बुधवार को भी बारिश हुई जो कि उमस की वजह से आई है। इस बार मानसून के सामान्य से कम होने की उम्मीद है इसलिए जिन किसानों ने बाजरे या ग्वार की बुवाई नहीं की है, वह इस बारिश के दौरान बुवाई कर लें।