हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला व बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद रेवाड़ी संयुक्त रूप से 18 सितंबर को नगर के मॉडल टाउन स्थित हिंदू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बाबू बालमुकुंद गुप्त स्मृति समारोह आयोजित कराएगा। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मंच से दिए जाने वाले अकादमी के पुस्तक पुरस्कार एवं परिषद के बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कारों के लिए चयनित साहित्यकारों के नामों की घोषणा कर दी गई है।
समारोह में कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव मुख्य अतिथि होंगे, जबकि अध्यक्षता उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग करेंगे। कोसली के उपमंडल अधिकारी (नागरिक) होशियार सिंह व समाजसेवी रामकिशन गुप्ता विशिष्ट अतिथि जबकि मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबू बालमुकुंद गुप्त के प्रपौत्र विमल गुप्त (कोलकाता) स्वागताध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। अकादमी के निदेशक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. चंद्र त्रिखा के निर्देशन एवं समारोह के संयोजक अधिवक्ता रणजीत सिंह के संयोजन में समारोह की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
इन रचनाकारों का हुआ चयन
परिषद के अध्यक्ष ऋषि सिंहल ने बताया कि हिंदी साहित्य साधना के लिए जहां गुरुग्राम की डॉ. कृष्णलता यादव और सोनीपत की डॉ. कमलेश मलिक को बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं हरियाणवी भाषा में लेखन के लिए इस पुरस्कार के लिए जिला झज्जर निवासी डॉ. जयभगवान शर्मा और गांव लिसान (रेवाड़ी) निवासी दलबीर ‘फूल’ का चयन किया गया है।
बता दें कि उक्त परिषद को प्रदेशभर से इन पुरस्कारों के लिए हिंदी की 32 और हरियाणवी बोली की 18 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से निर्णायक मंडल में उक्त चार रचनाकारों को संबंधित पुरस्कार के लिए चुना है।
इसी प्रकार हरियाणा साहित्य अकादमी के पुस्तक पुरस्कार भी 18 सितंबर को इस मंच से दिए जाएंगे, जिनमें जिला झज्जर के डॉ. जयभगवान शर्मा, जिला सोनीपत से डॉ. कमलेश मलिक, जिला रेवाड़ी के नाहड़ से सत्यवीर नाहड़िया, जिला गुरुग्राम की डॉ. कृष्णलता यादव, जिला रोहतक के डॉ. मनमोहन शर्मा, जिला महेंद्रगढ़ की आशा यादव, जिला सोनीपत की डॉ. राजकला देशवाल, जिला महेंद्रगढ़ के समशेर कोसलिया, जिला चरखी दादरी के डॉ. अशोक कुमार ‘मंगलेश’ व दिल्ली के कविराज जेआरजे यादव के नाम उल्लेखनीय हैं। उन्होंने बताया कि इस समारोह में इन पुरस्कारों के अलावा गोष्ठी, नाट्य मंचन, पुस्तक लोकार्पण, आजीवन सदस्य सम्मान, हिंदी प्रोत्साहन पुरस्कार आदि मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे।