रेवाड़ी। उल्लास योजना के तहत जिले में 20 सितंबर को साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें 15 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें हाल ही में पढ़ना-लिखना सिखाया गया है। परीक्षा के लिए 14 सितंबर तक आवेदन लिए जाएंगे। परीक्षा में सबसे अधिक बुजुर्गों के शामिल होने की संभावना है।
शिक्षा विभाग ने परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंच दिए गए हैं। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को दोपहर दो बजे तक परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग करनी अनिवार्य होगी।
इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। विभाग के अनुसार परीक्षा में प्रश्नों का स्तर सरल रखा जाएगा। प्रश्न पहली और दूसरी कक्षा की पुस्तकों पर आधारित होंगे, ताकि हाल ही में साक्षर हुए प्रतिभागी आसानी से परीक्षा दे सकें।
परीक्षा का उद्देश्य नवसाक्षरों के पढ़ने-लिखने और सामान्य समझ के स्तर का आकलन करना है। 28 हजार 351 लर्नर का लक्ष्य, अब तक 15 हजार 420 कवर वर्ष 2026-27 के लिए रेवाड़ी जिले में कुल 28 हजार 351 लर्नर को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
11 सितंबर 2026 तक जारी फिजिकल प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार अब तक 15 हजार 420 लर्नर को कवर किया जा चुका है। यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 46 प्रतिशत है। अभी 12 हजार 931 लर्नर लक्ष्य से शेष हैं।
जिले के लिए वर्ष 2026-27 में कुल 28 हजार 351 लर्नर को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 15 हजार 420 लर्नर कवर किए जा चुके हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 12 हजार 931 लर्नर को कवर किया जाना बाकी है। वहीं, रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्य की तुलना में 9 हजार 412 लर्नर का पंजीकरण अभी शेष है। अब तक लक्ष्य का करीब 46 प्रतिशत हासिल किया जा चुका है।
पोर्टल पर 18 हजार 939 लर्नर पंजीकृत
रिपोर्ट के अनुसार जिले में विभिन्न वर्षों के दौरान कुल 18 हजार 939 लर्नर पोर्टल पर पंजीकृत किए गए हैं। इनमें वर्ष 2023-24 के 121, वर्ष 2024-25 के 16 हजार 639, वर्ष 2025-26 के 1,992 और वर्ष 2026-27 के 187 लर्नर शामिल हैं। इस तरह पोर्टल पर अब तक कुल 18 हजार 939 लर्नर का पंजीकरण दर्ज है।
वर्जन:
साक्षरता परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंचा दिए गए हैं। 15 वर्ष से अधिक आयु के नवसाक्षरों को परीक्षा में शामिल किया जाएगा। परीक्षा में सरल प्रश्न पूछे जाएंगे, ताकि नवसाक्षर आसानी से अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। अधिक से अधिक लर्नर को परीक्षा में शामिल कराने के लिए विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।-डॉ. अशोक नामवाल, नोडल अधिकारी उल्लास योजना।