बावल चौक के पास लीची बेचते दुकानदार। संवाद
रेवाड़ी। उपज कम और आमद कम होने से इस बार लीची की कीमत बढ़ गई है। शहर के बाजारों में लीची 200 से 220 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। कीमत बढ़ने से लीची आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई है।
फल विक्रेताओं का कहना है कि इस बार उत्पादन कम होने और आवक घटने के कारण लीची के दामों में तेजी बनी हुई है। पिछले साल की तुलना में इस बार कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बावल चौक स्थित फल विक्रेता संजीव ने बताया कि अभी लीची की सप्लाई कम है और फिलहाल दिल्ली से ही माल आ रहा है। इसी वजह से दाम बढ़े हुए हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में आवक बढ़ने पर कीमतों में कुछ गिरावट आ सकती है। फल विक्रेता संजय सैनी ने कहा कि बाजार में लीची की खुशबू तो लोगों को आकर्षित कर रही है, लेकिन इसकी मिठास महंगे दामों के कारण हर किसी तक नहीं पहुंच पा रही। खुदरा बाजार में लीची 200 से 220 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि थोक मंडी में इसका भाव 180 से 190 रुपये प्रति किलो चल रहा है।
व्यापारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में सप्लाई बढ़ने पर लीची के दामों में राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल जिले में लीची मुख्य रूप से दिल्ली से पहुंच रही है।
लीची में मौजूद विटामिन सी शरीर में रक्त कोशिकाओं के निर्माण और लोहे के अवशोषण में मदद करता है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने के लिए जरूरी है। रक्त कोशिकाओं के निर्माण और पाचन-प्रक्रिया में सहायक लीची में बीटा कैरोटीन, राइबोफ्लेबिन, नियासिन और फोलेट काफी मात्रा में पाया जाती है। लीची हमारे फिगर मेंटेन रखती है। इसमें घुलनशील फाइबर बड़ी मात्रा में होते हैं, जो मोटापा कम करने का अच्छा उपाय है।