रेवाड़ी। आईजीयू में एनएसएस सलाहकार समिति की बैठक बुधवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान उन्होंने एनएसएस की गतिविधियों को सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण से जोड़ने पर बल दिया।
कुलपति ने कहा कि एनएसएस केवल एक सह-पाठ्यक्रम गतिविधि नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने एनएसएस इकाइयों को स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में एनएसएस गतिविधियों को सुचारू एवं सुदृढ़ रूप से संचालित करने पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज सेवा से जोड़कर ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है और इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन स्तर पर हर संभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित एनएसएस की विभिन्न गतिविधियों, स्वयंसेवकों की सहभागिता तथा एनएसएस के विश्वविद्यालय स्तरीय पुरस्कारों से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति ने एनएसएस स्वयंसेवकों को सामाजिक सेवा, सामुदायिक सहभागिता एवं जनकल्याण की गतिविधियों से जोड़ने तथा उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श किया।
इसके अतिरिक्त, आगामी गतिविधियों को अधिक योजनाबद्ध, प्रभावी एवं समाज के लिए उपयोगी बनाने के संबंध में सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करने और उनके योगदान को उचित रूप से मान्यता देने के लिए पुरस्कार प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।
अंत में एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुकेश कुमार ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापित करके किया। इस बैठक में डॉ. दिनेश कुमार,, प्रो. दीपक गुप्ता, प्रो. सतीश कुमार, डॉ. स्नेहलता, डॉ. कविता गुप्ता, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. उर्मिला शर्मा, डॉ. प्रियंका रंगा, डॉ. नवीन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।