संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग की ओर से भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक चुनौतियां पर व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक की अर्थशास्त्र विभाग की सेवानिवृत्त प्रोफेसर नीलम चौधरी रहीं।
समन्वयक डॉ. देविंदर सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रोफेसर विकास बत्रा ने प्रो. नीलम चौधरी को पौधा भेंट करके स्वागत किया। मुख्य वक्ता प्रो. नीलम चौधरी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यव्यापार, व्यापार का शास्त्रीय सिद्धांत, विदेशी व्यापार की तस्वीर, व्यापार की संरचना और दिशा, एफटीए साझेदार (मुक्त व्यापार समझौता) और एसएएफटीए साझेदार के बारे में बताया। उन्होंने आर्थिक एकीकरण, भारतीय विदेशी व्यापार की वर्तमान नीतियों के बारे में विस्तार से बताया और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा की। प्रो. नीलम ने जोर देकर कहा कि भारत को व्यापार सुविधा बढ़ाने, एमएसएमई को मजबूत करने, डिजिटल व्यापार में निवेश करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस अवसर पर प्रोफेसर सतीश कुमार, डॉ. रितु, अर्थशास्त्र विभाग के छात्र तथा शोधार्थी, चित्रा, अनु, अविनाश,अंजलि, ज्योति, राहुल, आशु, मधु आदि शामिल रहे।