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Rewari News: नौकरी छोड़ थामी पिस्टल, अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकीं सृष्टि अरोड़ा

Wed, 21 Oct 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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जीत हासिल करने पर खुशी जाहिर करतीं सृष्टि अरोड़ा।
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रेवाड़ी। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में राजस्थान के अजमेर की रहने वाली सृष्टि अरोड़ा ने मंगलवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्होंने रेवाड़ी शूटिंग एकेडमी में खालेटा निवासी अंतरराष्ट्रीय कोच विजय कुमार से प्रशिक्षण लिया।
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सृष्टि ने बताया कि उन्होंने 2023 तक कभी पिस्टल नहीं पकड़ी थी, लेकिन जब इसे थामा तो नौकरी तक छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पहली बार जिलास्तर पर स्वर्ण पदक जीता था। सृष्टि के पिता शैलेश अरोड़ा रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं।
उनकी मां किरण अरोड़ा गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर सृष्टि विश्वस्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
एशियाई पैरा खेलों में आठ निशानेबाजों के फाइनल में सृष्टि ने 214.7 अंक बनाए। वह ईरान की फैजेह अहमदी (237.3) और सारेह जवानमर्दी (237.0) के बाद तीसरे स्थान पर रही।
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सृष्टि का जन्म से दाएं हाथ से दिव्यांग हैं। इसके बाद भी उन्होंने अपने हौसलों से हर कमी को पीछे छोड़ दिया। उल्टे हाथ से लिखना सीखा, एक हाथ को दो के बराबर मजबूत बनाया और शूटिंग में ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज वह देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर रही हैं।
अबतक 28 पदक जीत चुकी हैं सृष्टि
सृष्टि अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 28 पदक जीत चुकी हैं। इन दिनों दिल्ली में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से एशियन गेम्स और पैरा ओलंपिक 2028 की तैयारी कर रही हैं। इस विशेष प्रशिक्षण के लिए देशभर से सिर्फ तीन बेटियों का चयन हुआ है, जिनमें सृष्टि भी शामिल हैं। सृष्टि ने मई-जून 2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड कप में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीता था। इसी प्रतियोगिता में भारतीय बालिका टीम ने वर्ल्ड और एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया। इसके अलावा नवंबर 2025 में यूएई में हुए वर्ल्ड कप के मिक्स और विमेंस टीम इवेंट में भी उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। सृष्टि अरोड़ा ने पिछले माह सितंबर में दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप में पहली भागीदारी में दो पदक जीते थे। उन्होंने मनीष नरवाल के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में कांस्य और एक टीम इवेंट में रजत पदक हासिल किया था।

इस तरह से शुरू किया था कॅरिअर
मूल रूप से राजस्थान की अजमेर निवासी सृष्टि ने बताया कि मथुरा-वृंदावन यात्रा के दौरान मथुरा के एक होटल की पार्किंग में मेरी मुलाकात सुरेश गुर्जर से हुई, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने शूटिंग में कॅरिअर बनाने का सुझाव दिया और यही मुलाकात मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गई। सृष्टि ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से कोच विजय कुमार के मार्गदर्शन में निशानेबाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं।

मेहनत के दम पर हासिल की उपलब्धि
कोच विजय कुमार ने बताया कि सृष्टि अरोड़ा उनके मार्गदर्शन में करीब 3 वर्ष से निशानेबाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं। नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के दम पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। हर प्रतियोगिता खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण होती है। छोटे-बड़े मुकाबलों में हिस्सा लेने से खिलाड़ियों को अनुभव मिलता है और अपनी तकनीक सुधारने का अवसर मिलता है। सृष्टि की सफलता अन्य खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

अंतरराष्ट्रीय कोच हैं विजय कुमार
अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कोच विजय कुमार के मार्गदर्शन में भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 19 पदक हासिल किए हैं। उनके कोचिंग कॅरिअर का यह 19वां अंतरराष्ट्रीय पदक है। वह आईएसएसएफ पैरा कोच, आईएसएसएफ प्रमाणित कोच और ओजीक्यू सीएफपी कोच भी हैं। चीन में आयोजित चौथे एशियन पैरा गेम्स में उनकी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निशा कंवर ने 10वीं रैंक हासिल की थी। विजय कुमार के पिता हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं और दादा स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं।

जीत हासिल करने पर खुशी जाहिर करतीं सृष्टि अरोड़ा।

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