फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्र सरकार जिद छोड़ तीनों कानूनों को रद्द करें

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने के उद्देश्य से दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों को 191 दिन हो गए। बुधवार को पारा 42 डिग्री पार पहुंचने के साथ ही धरनास्थल पर लोगों की आवाजाही थम सी गई है। शाम को धरनास्थल पर लोगों की हलचल रही। वहीं समूह चर्चा के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को अपनी जिद छोड़कर कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए।
विज्ञापन

बुधवार को किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि केंद्र व हरियाणा प्रदेश की सरकारें किसानों के आंदोलन को किसी न किसी बहाने खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन किसान अनुशासित ढंग से आंदोलन को चला रहे हैं। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने पर विचार नहीं कर रही है बल्कि आंदोलन को खराब करने के लिए लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिद व झूठी शान के कारण तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर रही है, लेकिन अब देश का किसान केंद्र सरकार की असलियत को जान चुका है। ये तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं, इसलिए केंद्र सरकार को बिना समय गवांए कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। देश के इतिहास में पहली बार कोई आंदोलन इतना लंबा चला है, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इस अवसर पर राजाराम मील, अमरा राम, ईश्वर महलावत, रणजीत सिंह राजू व नवीन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें