जिला बार एसोसिएशन में खाली पड़ी कुर्सियां। संवाद
रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने वीरवार को कामकाज का बहिष्कार किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने रेवाड़ी एसडीएम सुरेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला न्यायालय परिसर में एकत्र होकर एसडीएम के व्यवहार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने बताया कि एसडीएम का रवैया शुरू से ही अधिवक्ताओं के प्रति ठीक नहीं रहा है। एसडीएम अधिवक्ताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं करते हैं जिससे अधिवक्ता खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
अधिवक्ताओं ने बताया कि 16 अप्रैल से वे एसडीएम की राजस्व न्यायालय का बहिष्कार कर रहे हैं। इस संबंध में जिला सत्र न्यायाधीश और डीसी को लिखित शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अधिवक्ताओं ने विरोध में वीरवार को नो वर्क डे घोषित करना पड़ा। इसके तहत किसी भी अधिवक्ता ने न्यायालय में पेश होकर काम नहीं किया।
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नई याचिका स्वीकार करने में की जा रही आनाकानी : अधिवक्ता
अधिवक्ताओं ने बताया कि एसडीएम की ओर से राजस्व न्यायालय में नई याचिकाएं स्वीकार करने में आनाकानी की जा रही है जिससे आम लोगों को न्याय पाने में कठिनाई हो रही है। यह न केवल अधिवक्ताओं के अधिकारों का हनन है बल्कि आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने दिनभर जिला न्यायालय के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बार एसोसिएशन के उप प्रधान सुमन यादव, सचिव मनोज यादव, कोषाध्यक्ष चिराग भारद्वाज सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जांच कर उचित कार्रवाई की जाए
अधिवक्ताओं की मुख्य मांग है कि एसडीएम के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए और उनका तबादला किया जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके। बार एसोसिएशन के प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो अधिवक्ता और भी कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और अधिवक्ताओं की मांगों पर कब तक कोई ठोस निर्णय लिया जाता है।