संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के वकीलों ने एसडीएम सुरेश कुमार के तबादले की मांग को लेकर तीसरे दिन भी जिला बार एसोसिएशन परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा। वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं होता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने पिछले दो दिनों में एसडीएम की तरफ से आए बयानों की निंदा की।
वकीलों ने धरना स्थल पर सबूत के साथ केसों की सूची पेश की। इसमें दो करोड़ रुपये से अधिक स्टांप ड्यूटी को एसडीएम द्वारा अदालती कार्रवाई के तहत माफ किया गया है। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि एक पक्ष से ही सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपये का रजिस्ट्री में स्टांप कम होना बताया था, जिसे एसडीएम ने पूर्णतः माफ कर दिया। यादव ने कहा कि स्टांप ड्यूटी से राजस्व की कमाई होती है, परंतु यह अधिकारी राजस्व की कमाई नहीं होने दे रहे हैं। वे अपना अनुचित लाभ कमाकर स्टांप ड्यूटी माफ कर रहे हैं। कई मामलों की सुनवाई बिना अधिवक्ता व पक्षकार के की गई है।
धरना स्थल पर पूर्व प्रधान और जिला प्रमुख सतीश यादव ने वकीलों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वकीलों की मांग बहुत छोटी है और वे आम जनता के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। यादव ने वकीलों की एकता को उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कोई अधिकारी वकीलों के खिलाफ जाकर काम नहीं कर सकता।
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सरकार से कार्रवाई की मांग
शहरी कांग्रेस प्रधान एडवोकेट प्रवीण चौधरी ने भी वकीलों का समर्थन किया और सरकार से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी का व्यवहार वकीलों से सही नहीं है, वह आम व्यक्ति से कैसा व्यवहार करेगा। नगर परिषद की अध्यक्ष विनीता पीपल अपने पति एडवोकेट नरेंद्र पीपल के साथ धरनास्थल पहुंची।