लैब टेक्नीशियन की हड़ताल के पहले दिन नागरिक अस्पताल में मिला-जुला असर दिखाई दिया। सरकारी लैब टेक्नीशियन जहां नागरिक अस्पताल के गेट के सामने हड़ताल पर बैठे रहे। वहीं गैर सरकारी को-स्टाफ ने नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच का जिम्मा उठाया। हालांकि गांव में हड़ताल का असर देखने को मिला और विभिन्न ग्रामीण आंचलों में स्थित सीएचसी, पीएचसी व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कोई भी जांच नहीं हुई।
ये हैं लैब टेक्नीशियन की मांगें
सेंट्रल पे-स्केल के हिसाब से मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट, टेक्नीकल ऑफिसर, सीनियर टेक्नीकल ऑफिसर और चीफ टेक्निकल ऑफिसर की पे-ग्रेड बढ़ाई जाए। जनरल और मलेरिया के लैब टेक्नीशियन को एक साथ ही मर्ज किया जाए। अनुबंधित लेबोरेट्री टेक्नीशियन और लेबोरेट्री अटेंडेंट को रेगुलाइज किया जाए। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन की सेलरी 25 हजार रुपये प्रति माह की जाए।
सुबह आठ बजे से शाम चार तक चला धरना
जी माधवन की रिपोर्ट लागू करन समेत अन्य मांगों पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे से ही 18 सरकारी लैब टेक्नीशियंस ने नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग के गेट के सामने धरना देना शुरू किया। धरने का नेतृत्व हरियाणा स्टेट लेबोरेट्री टेक्नीशियन एसोसिएशन की जिला इकाई ने प्रधान रामनिवास यादव व जनरल सेकेट्री आनंद खोश्या कर रहे थे। धरना शाम करीब चार बजे तक चला, जो कि मंगलवार को भी जारी रहेगा।
पहले पूरी तरह बंद, बाद में होती रहीं जांच
लैब टेक्नीशियंस के धरने के दौरान पहले ब्लड बैंक, टीबी केंद्र, बुखार व अन्य सभी प्रकार की जांचों को पूरी तरह बंद रखा गया। हालांकि कुछ ही देर में धरने में केवल सरकारी लैब टेक्नीशियन ही रह गए। गैर सरकारी लैब टेक्नीशियन और को-स्टाफ ने नागरिक अस्पताल में जांच जारी रखीं। वहीं ब्लड बैंक में इमरजेंसी केसों में जांच की गई। ऐसे में नागरिक अस्पताल में आने वाले लोगों पर हड़ताल का खास असर नहीं पड़ा।
तो आज पूरी तरह से बंद रखेंगे जांच
यूनियन की डिस्ट्रिक्ट बॉडी के जनरल सेकेट्री आनंद खोश्या ने बताया कि कई कारणों के चलते लैब टेक्नीशियंस की हड़ताल सोमवार को व्यापक स्तर पर नहीं दिखाई दी है। विभिन्न सेवाओं में गैर सरकारी स्टाफ जांच कर रहे हैं। लेकिन अगर सरकार ने एसोसिएशन की मांगें नहीं मानीं तो मंगलवार को किसी तरह की जांच जिले भर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं होंगी।
हड़ताल के चलते कहां-कहां नहीं हुईं जांच
हड़ताल के चलते ग्रामीण आंचलों में किसी तरह की जांच नहीं हुईं। इनमें पीएचसी टांकड़ी, भाड़ावास, संगवाड़ी, कसौला, धारूहेड़ा, डहीना थे। वहीं गुरावड़ा, मीरपुर और बावल सीएचसी शरीक रहीं। इसके अलावा सामान्य अस्पताल कोसली, नागरिक अस्पताल में मलेरिया की जांच नहीं हुई।
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हड़ताल के पहले दिन कई कारणों के चलते नागरिक अस्पताल में विभिन्न जांच हुई हैं। लेकिन मांग पूरी न होने की स्थिति में मंगलवार को कोई जांच नहीं होगी।
-रामनिवास यादव, जिला प्रधान, लेबोरेट्री टेक्नीशियन एसोसिएशन, रेवाड़ी