कोसली-भाकली नामकरण विवाद विवाद में कोसली के बुजुर्ग महाबीर सिंह की हत्या के आरोप में जेल में बंद भाकली के नामजद 13 आरोपियों पर कोर्ट ने धारा 302 लगाने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश ने पांच आरोपियों द्वारा लगाई जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि कोसली-भाकली में किसान भवन और आरओबी के नामकरण विवाद को लेकर 5 मार्च को खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें कोसली के महाबीर सिंह की मौत हो गई थी। कोसलीवासियों की शिकायत पर पुलिस ने धारा 302 लगाई थी, लेकिन बाद में पुलिस द्वारा सौंपी चार्ज सीट में धारा 304 लगाई गई।
मामले पर शुक्रवार को अदालत में बहस थी। बहस के बाद न्यायाधीश विजय सिंह की अदालत ने दोबारा सभी आरोपियों पर धारा 302 लगाने के आदेश दिए हैं। मामले में भाकली के 17 ग्रामीण आरोपी थे। मामले की जांच में पुलिस ने 3 आरोपियों को मौके पर नहीं होने की पुष्टि की, वहीं एक युवक को एक्सीडेंट होने के कारण उपचाराधीन बताया था। पुलिस ने एक माह बाद 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गवाहों और सबूतों के आधार पर बदली धारा
कोसली की ओर से बहस कर रहे अधिवक्ता धर्म सिंह और भरत लाल का कहना है कि न्यायाधीश ने गवाहों व सबूतों के आधार पर ही पुन: धारा में बदलाव किया है। पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते हत्यारों पर सीधेे तौर पर हत्या करने की धारा 302 को हटाकर 304 लगाई थी। मामला दर्ज करने के दौरान भी पुलिस ने धारा 302 लगाई थी। इसमें कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव था, जिसके चलते धारा 304 लगाई गई।