पिछले चार माह से चले आ रहे कोसली-भाकली नामकरण विवाद का आखिरकार सोमवार को दोनों गांवों के लोगों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद पटाक्षेप हो गया। इससे दोनों गांव में खुशी का माहौल है। भवन के नामकरण को लेकर गांव के लोगों में तनाव पैदा हो गया था। झगड़े में एक व्यक्ति की चोट लगने से मौत हो गई थी, जिसमें 13 आरोपी जेल में बंद हैं।
सोमवार सुबह से ही लोगों की नजरें समझौते पर होने वाले हस्ताक्षर पर लगी थी। इस मामले को लेकर सुबह 9 बजे दोनाें गांवों के लोगों की बैठक होने थी, लेकिन उसे दोपहर 2 बजे कर दिया गया। इसके बाद फिर 3 बजे के बाद इस मुद्दे को लेकर फैसला कराने के पक्ष में शामिल लोगों में कुछ निराशा छा गई, लेकिन गांव भाकली से जैसे ही यह संदेश आया कि वह कुछ देर में डीएवी कॉलेज पहुंच रहे हैं तो कोसली गांव तथा अन्य गांव के कुछ लो डीएवी महिला कॉलेज परिसर में बनी राव रामनारायण लाइब्रेरी में पहुंच गए। जैसे ही कोसली-भाकली विवाद के फैसले पर दोनाें तरफ से हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी हुई तो ग्रामीण खुशी से झूम उठे और यह निश्चय किया कि वह भविष्य में आपसी विवाद पैदा नहीं होने देंगे।
क्या था यह विवाद
कोसली-भाकली के लोगों ने कोसली शहर के बीचों बीच बने ओवर ब्रिज और कोसली मंडी में बने किसान भवन और मार्केट कमेटी के नाम करण को लेकर भाकली गांव के लोगों ने एतराज जताया था। उद्घाटन से थोड़ी देर पहले ही प्रशासन के सामने भाकली गांव के लोगों ने उद्घाटन के पत्थरों को तोड़ दिया था। पांच मार्च को उस समय विवाद बढ़ गया जब कोसली गांव के लोग नामकरण के विरोध में बाजार में प्रदर्शन कर रहे थे तो वहां पर भाकली के लोग भी पहुंचे गए थे। दोनों गांवों के लोगों में पुलिस की मौजूदगी में खूनी संघर्ष हो गया था, जिसमें दर्जनों ग्रामीण घायल हुए थे। इतना ही नहीं, कोसली गांव के महाबीर की अधिक चोट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने गांव भाकली के 13 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था जो दो माह से जेल में हैं। इस बीच दोनो गांवों के बीच कई बार पंचायतों के माध्यम से फैसला करवाने का प्रयास किया गया।
इन बाताें पर बनी सहमति
दोनों गांवों के बिच चल रहे विवाद को लेकर यह आम सहमति बनी कि ओवर ब्रिज और किसान भवन पर भविष्य में किसी का भी नाम नहीं होगा, जो भी दोनों गांवों के नाम से सरकारी ऑफिस और अन्य संस्थाएं चल रही हैं, उनसे भविष्य में कोई खिलवाड़ नहीं होगा और दोनों गांव के लोग आपस में अपना हक एक दूसरे पर नहीं जताएंगे। किसान भवन और ओवर ब्रिज के भाकली के नाम पर किए गए नामकरण के आदेश को मुख्यमंत्री से मिलकर वापस करवाया जाएगा।
क्या कहना है कर्नल विजय का
कोसली की एक्शन कमेटी के प्रधान कर्नल विजय कौशल का कहना है कि विवाद के कारण जहां दोनों गांवों का आर्थिक नुकसान हुआ है। गांव कोसली के सरपंच देवेंद्र व होशियार सिंह नंबरदार का कहना है कि अभी इस कमेटी को बहुत काम करना है, जो दोनाें गांवों खास कर युवाओं के बीच में जो खटास पैदा हो गई है, उसको मिटाने के लिए आगे आकर काम करना होगा। इसके अलावा इस विवाद के कारण दोनों गांवों के विकास को जो ब्रेक लगे हैं, उसके लिए भी वह राजनेताओं से संपर्क करके इसकी भरपाई करवाने का काम करेंगे।
क्या कहना है भाकली के लोगों का
गांव भाकली के पंच राजेश, छाजू राम, विजय का कहना है कि इस प्रकार के विवाद आगे न हाें, इसके लिए दोनों गांवों के चुनिंदा लोगों ने हस्ताक्षर करके विवाद को तो समाप्त करवा दिया, लेकिन इसके लिए दोनों गांवों में विश्वास पैदा करने के लिए काम करना होगा। उन्हाेंने कहा कि विकास जहां भी हो वहीं ठीक है।