रेवाड़ी। हरियाली तीज नजदीक आते ही शहर में पतंग की दुकानें सजने लगी हैं। इसके अलावा बाजार में तिरंगा, गुड्डी, ढप्पल, पूच्छल डिजाइन की पतंगें खूब दिख रही हैं। बच्चों में कार्टून की पतंगें काफी पसंद की जा रही हैं। जानकारों के अनुसार इस बार 11 अगस्त को तीज मनाई जाएगी।
तीज पर शहर में जमकर पतंगबाजी होती है। साथ ही बच्चे अपने मनपसंद की स्पाइडर मैन, छोटा भीम व डोरेमोन वाली कार्टून की पतंगें उड़ाकर त्योहार मनाते हैं। बाजार में पतंग के साथ मांझे के कई ब्रांड मौजूद है, जो युवाओं और किशोरों को काफी पसंद आ रहे हैं। मांझे में सम्राट, सलीम, सात केला व टूकैट आदि ब्रांड बाजार में उपलब्ध हैं। इसके अलावा चाइना ब्रांड की डोर भी युवाओं को काफी पसंद आ रही है।
जयपुर और बरेली से आती हैं पतंगे
शहर के पतंग व्यापारी अधिकांश पतंगे जयपुर से लेकर आते हैं। इसके अलावा बरेली से पतंग के साथ मांझा भी मंगाया जाता है। बरेली की पतंग महंगी होने के कारण अधिकांश पतंगें जयपुर व दिल्ली में बनी होती हैं। बाजार में पतंग के दाम 3 रुपये से लेकर 25 रुपये तक और मांझे के दाम एक डोर के 70 रुपये से लेकर 1500 रुपये कीमत में उपलब्ध है। इसके अलावा पतंग के साथ पैराशूट की मांग ज्यादा है। दिन में लोग पतंगबाजी के बाद रात में पैराशूट उड़ाकर त्योहार मनाते हैं।
धीरे-धीरे और बढ़ेगी मांग
बाजार में पतंग व मांझे की डिमांड अभी काफी कम है। त्योहार नजदीक आते आते लोगों की मांग बढ़ने लगेगी। मैं 42 सालों से इस काम को कर रहा हूं। बच्चों में कार्टून की पतंग व युवाओं में पूच्छल व ढप्पल आदि पतंग की मांग ज्यादा है।
-वेद प्रकाश, दुकानदार।
हादसों का कारण बन रहा चीन मांझा
बाजार में आ रहे चीन ब्रांड के मांझे की मांग ज्यादा है। मगर यह लोगों के लिए हादसों का कारण बनती है। पिछली बार भी तीज के त्योहार पर कई लोगों इस डोर के कारण घायल हो गए थे। इस कारण मैं इस डोर को नहीं रखता। इससे अच्छी क्वालिटी की डोर बाजार में उपलब्ध है।
-मंगलराम, दुकानदार।
बरेली की डोर है काफी मशहूर
शहर में ज्यादातर बरेली से बनी डोर आती है। बरेली की डोर की युवाओं में काफी मांग है। लेकिन बाजार में चीन के ब्रांड की डोर बिक रही है। यह प्लास्टिक से बनी होती है, जो लोगों के लिए जानलेवा है। प्रशासन को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
-नरेंद्र गुप्ता, पतंग व्यापारी।
पतंग के साथ पैराशूट की मांग
दिन में पतंगबाजी के साथ लोग अपनी घरों की छतों पर पैराशूट उड़ाते हैं। जिसकी मांग अब बढ़ने लगी है। रात के समय बहुत ही अच्छा नजारा देखने को मिलता है।
-प्रमोद कुमार, पतंग व्यापारी।