शिव मंदिर में यज्ञ करते गणमान्य। स्रोत : समिति
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रेवाड़ी। आजाद चौक स्थित शिव मंदिर में कार्तिक गंगा स्नान पूर्णमासी के अवसर पर श्री सत्यनारायण भगवान की कथा, यज्ञ व भजन संकीर्तन का आयोजन किया गया।
मंदिर के पुजारी पंडित सुमन भारद्वाज ने बताया कि श्री बालाजी धर्मार्थ समिति की ओर से यह आयोजन हुआ है। भारतीय संस्कृति में कार्तिक पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व है। कार्तिक पूर्णमासी को देव दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन धार्मिक अनुष्ठान पवित्र नदी में स्नान पूजन व कर्मकांड का विधान है।
वर्ष के 12 माह में कार्तिक मास आध्यात्मिक एवं कार्य ऊर्जा संचय के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने बताया कि कार्तिक मास में पूरे माह गंगा स्नान पवित्र नदियों में स्नान का प्रचलन रहा है। हिंदू धर्म में शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह में व्रत उपवास स्नान एवं दान का विशेष महत्व है।
कार्तिक माह पूर्णमासी के अवसर पर लाखों लोग पुष्कर स्नान करने जाते हैं और पवित्र पुष्कर सरोवर में स्नान कर ब्रह्माजी के मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। इससे पापों का नाश होकर सुख शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
इस मौके पर यजमान के रूप में सहपत्नी मुकेश शर्मा, सुरेंद्र सैनी व महेंद्र कोहली रहे। सावित्री शर्मा, पूजा माहेश्वरी, मीनाक्षी महेश्वरी, शकुनतला, संतोष देवी, कोमल मिश्रा, रजनी सैनी, हेमलता, मिनाक्षी अरोड़ा ने कार्तिक माह में स्नान किया व हवन में आहुति डाली। इस दौरान ठाकुरजी को विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।