राम मिले न माया... इस कहावत के साथ मंगलवार को जिला प्रमुख मंजूबाला की कुर्सी चली गई। विधायक बनने चलीं जिला प्रमुख को मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने इस्तीफा यूं ही नहीं दिया। राव इंद्रजीत के किनारा करने और 18 में 13 पार्षदों को अपने विरोध में खड़ा देख जिला प्रमुख को अपना त्यागपत्र डीसी यशेंद्र सिंह को सौंपना पड़ा।
बता दें बीते सोमवार को 13 पार्षद जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास के शपथ देने की तैयारी ही कर रहे थे। ऐसे में मंजूबाला अचानक त्यागपत्र देने के लिए जिला सचिवालय स्थित डीसी दफ्तर पहुंच थी। लेकिन डीसी के छुट्टी होने के चलते वह त्यागपत्र नहीं दे सकीं। वहीं दूसरी ओर सभी 13 पार्षदों ने अपने शपथ पत्र राव के पीए रवि यादव को रामपुरा हाउस पहुंचकर सौंप दिए थे। इसी कड़ी में जिला प्रमुख ने मंगलवार को दोपहर के समय डीसी को अपना त्याग पत्र सौंप दिया।
राव के खास सुनील यादव के साथ पहुंचना बना चर्चा
सोमवार को एक ओर 13 पार्षद जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र लेकर रामपुरा हाउस पहुंचकर आगे की रणनीति बना रहे थे। इस दौरान उनके बीच राव के चाणक्य कहे जाने वाले निजी पीए रवि यादव भी मौजूद थे। वहीं दूसरी ओर राव इंद्रजीत के बहुत करीबी व रेवाड़ी से भाजपा की सीट पर चुनाव लड़ने वाले सुनील यादव मंजूबाला का त्यागपत्र दिलाने के लिए उनके साथ सचिवालय पहुंचे थे। वहीं मंगलवार को भी सुनील यादव का मंजूबाला के साथ सचिवालय पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा है। हालांकि राजनीति के जानकार यह कह रहे हैं कि भविष्य की राजनीति के तहत यह सब कुछ रामपुरा हाउस से ही कंट्रोल किया जा रहा है।
डायरेक्टर पंचायती राज द्वारा त्याग पत्र स्वीकार नहीं करने तक बनीं रहेगी जिला प्रमुख
मंगलवार को जिला प्रमुख के डीसी को त्यागपत्र सौंपने का मतलब ये नहीं कि वह अब जिला प्रमुख नहीं हैं। अब डीसी की ओर से त्यागपत्र को डायरेक्टर पंचायती राज को भेजा जाएगा। डायरेक्टर के त्यागपत्र स्वीकार करने के बाद ही मंजूबाला जिला प्रमुख पद से हटेंगी। त्याग पत्र स्वीकार करने के बाद पोस्ट खाली का नोटिफिकेशन जारी होता है। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सूचना राज्य निर्वाचन आयोग के पास सूचना भेजी जाती है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी जिला परिषद सदस्यों की बैठक बुलाकर चुनाव कराने की प्रक्रिया कराई जाती है। जानकारों के अनुसार त्याग पत्र स्वीकार करने में ही 7-10 दिन तक का समय लग सकता है।
-नए जिला प्रमुख के लिए जोड़-तोड शुरू
मंजूबाला के त्याग पत्र देने के साथ ही नए जिला प्रमुख बनाने के लिए पार्षदों में जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। शशीबाला, कांता व पिंकी पद की दावेदारी में हैं, लेकिन पिंकी को नरबीर गुट का माना जा रहा है। ऐसे में शशीबाला व कांता में से एक की किस्मत का ताला खुल सकता है। इनमें से भी शशीबाला को रामपुरा हाउस के ज्यादा नजदीक माना जाता है। बता दें कि जिला प्रमुख का पद एससी महिला के लिए आरक्षित है।
राव का आशीर्वाद व किस्मत का साथ मिलने पर मंजू को मिला था पद
वर्ष 2016 में जिला प्रमुख का चुनाव दक्षिण हरियाणा के दो राव के बीच प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ था। उस दौरान 18 में से दोनों खेमे में 9-9 पार्षद थे। राव इंद्रजीत की तरफ से मंजूबाला व नरबीर गुट की तरफ से पिंकी जिला प्रमुख के लिए दावेदार थी। लेकिन टॉस से हुए फैसले में किस्मत ने मंजूबाला का साथ दिया और वह जिला प्रमुख बन गई थी।
राजनीतिक महत्वाकांक्षा ले डूबी
मंजूबाला ने पार्षद बनते ही राव इंद्रजीत में अपनी आस्था जताई थी। राव के ही आशीर्वाद से ही जिला प्रमुख बनी थी। लेकिन करीब तीन साल बाद उनकी राव नरबीर खेमे सेे नजदीकियों की भी चर्चा चली थी। लोकसभा चुनावों के बाद मंजूबाला ने जजपा को ज्वाइन कर लिया था। यहां तक भी सब ठीकठाक था, लेकिन विधानसभा में उन्होंने स्वराज इंडिया की टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद लगभग सभी पार्षदों को अपने विरोध में खड़ा कर दिया। इससे राव इंद्रजीत भी मंजूबाला से नाराज चल रहे थे।
पहले भी राव की कार्यकर्ता थी, आगे भी रहूंगी : मंजूबाला
डीसी को त्यागपत्र सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में जिला प्रमुख मंजूबाला ने कहा कि किसी दूसरी पार्टी में जाना अलग बात है, लेकिन आस्था अलग होती है। राव इंद्रजीत के आशीर्वाद से ही मैं जिला प्रमुख बनी थी, अब उनके इशारे पर ही त्यागपत्र दिया है। पहले भी राव की कार्यकर्ता थी और आगे भी रहूंगी।
-हमारे यहां सब कुछ राव के कहने से होता है : सुनील यादव
राव के खास व रेवाड़ी विधानसभा से भाजपा की सीट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सुनील यादव ने कहा कि मंजूबाला पहले भी राव खेमे में थी और आगे भी रहेंगी। मंजूबाला के साथ त्यागपत्र देने पहुंचने के सवाल पर यादव ने कहा कि यहां पर सब कुछ राव के कहने पर ही होता है। उनकी ओर से जैसा आदेश होता है किया जाता है। बात रही जिला प्रमुख के चुनाव की तो प्रशासन की ओर से निर्देश मिलते ही प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।