रेवाड़ी। बसपा, कांग्रेस एवं इनेलो की तरह यदि भाजपा ने भी जाटों के धरने को समर्थन नहीं दिया तो जाट समुदाय यूपी एवं पंजाब विधानसभा चुनाव में खुलकर भाजपा का बहिष्कार करेगा। किसी पार्टी को समर्थन देने की बात पर कहा कि भले ही उन्हें दोनों राज्यों में निर्दलीय उम्मीदवार उतारने पड़े। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के रेवाड़ी जिला महासचिव जीतराम लौर ने कही। हालांकि संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जाट नेता यशपाल मलिक ने भी दूरभाष पर इन बातों की पुष्टि की। यशपाल मलिक ने कहा कि जब तक आरक्षण सहित उनकी अन्य मांगें नहीं मानी जाएगी धरना चलता रहेगा। यूपी में बसपा के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जाटों को बसपा नहीं सभी पार्टी एवं सभी बिरादरियों का समर्थन चाहिए। यशपाल मलिक ने यह भी कहा कि अभी तक सरकार की तरफ से उन्हें वार्ता के लिए कोई न्यौता नहीं मिला है। फरवरी माह में आंदोलन के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने जाटों के आरक्षण को संविधान में भी जगह देने का आश्वासन दिया था, इसलिए उन्हें अपने आश्वासन पर अटल रहना चाहिए था।
भाजपा को गांवों में नहीं देंगे घुसने
रेवाड़ी में जाट आंदोलन की अगुवाई कर रहे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जीतराम लौर ने कहा कि आज 12वें दिन जाट शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जाटों के साथ धोखा किया है, यदि जल्द ही बीजेपी ने जाटों को अपना समर्थन नहीं दिया तो हरियाणा में बीजेपी नेताओं को गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जाटों को यूपी, पंजाब एवं राजस्थान के साथ अन्य राज्यों के लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय बिना किसी भेदभाव के सभी बिरादरियों के साथ खड़ा रहता है,लेकिन भाजपा ने साजिश के तहत 35-1 का नारा दिया। उन्होंनेे कहा कि किसी भी स्थिति में भाजपा की चाल को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बावल में चल रहे धरने के साथ अन्य जिलों में भी जाटों को सभी बिरादरियों का समर्थन मिल रहा है।