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जापान के चीफ इंजीनियर की हत्या

Sun, 07 Sep 2014 12:40 AM IST
rewari
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 बावल स्थित कपारो एमआई स्टील प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जापान निवासी चीफ इंजीनियर की शनिवार सुबह संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के साथी पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी भी घायल हो गया था तथा चिकित्सकों ने उसे गुड़गांव रेफर किया था। शक होने पर गुड़गांव से उसे वापस बुलाया गया, जहां पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी भी जापान का रहने वाला है।
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डीएसपी वीरेंद्र सैनी के अनुसार जापान निवासी कजुइया फुजीता (27) कपारो एमआई स्टील प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बतौर चीफ इंजीनियर कार्यरत थे। उनके साथ जापान के ही छबाटा नामक कर्मचारी भी कंपनी में इंजीनियर है। शनिवार सुबह करीब 9 बजे कजुइया फुजीता कंपनी में रखी किसी मशीन की जांच कर रहे थे, जबकि छबाटा उस मशीन को कंप्यूटर से ऑपरेट कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान छबाटा ने कंप्यूटर से मशीन को चलू कर दिया, जिसकी चपेट में चीफ इंजीनियर आ गए और उनकी मौत हो गई। इसी दौरान आरोपी छबाटा भी घायल हो गया था। सूचना से कंपनी में हड़कंप मच गया। आनन- फानन में यह सूचना पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और इंजीनियर कजुइया फुजीता और छबाटा को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने कजुइया फुजीता को मृत घोषित कर दिया। छबाटा ने भी अपनी हालत बिगड़ने की बात कही। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे गुड़गांव  रेफर कर दिया। लेकिन पुलिस टीम को शक हुआ है कि यह हादसा प्लानिंग का हिस्सा तो नहीं। यह संदेह होने पर पुलिस टीम ने उपचार होने के बाद छबाटा को गुड़गांव से वापस बुला लिया और उसे पूछताछत के लिए हिरासत में ले लिया। छबाटा द्वारा दिए बयान पर भी पूछताछ टीम को शक हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी ने बताया कि फिलहाल गैर इरादतन हत्या में केस दर्ज किया गया है। मशीन गलती से चली या फिर खुद जानकर चलाई गई इसकी तफ्तीश की जा रही है। हर पहलुओं को ध्यान में रखकर विवेचना की जा रही है। आला अफसरों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है।


घटना के संबंध में कंपनी ने साधी चुप्पी
खास बात यह रही कि इतनी बड़ी कंपनी में एक भी ऐसा शख्स नहीं था, जिसने यह हादसा होते हुए देखा। पुलिस की छानबीन में भी कंपनी के अधिकारी हो या कर्मचारी सभी ने घटना के वक्त खुद को किसी अन्य जगह बताया। यहां तक कि घटना के बाद सिविल अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में भी कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा, जो पहुंचे भी तो वे भी खानापूर्ति कर चले गए। कंपनी ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध ली है।
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- दो घंटे सीमा विवाद, 4 घंटे तक नहीं हुए बयान
कसौला थाना क्षेत्र और मॉडल टाउन एरिया पुलिस में पहले इस बात को लेकर खींचतान रही कि घटना किसके थाना क्षेत्र में आती है। इसमें ही करीब दो घंटे का समय निकल गया। करीब 12 बजे एक पुलिसकर्मी कसौला थाने से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा, लेकिन वहां कोई न मिलने के कारण वह लौट गया। बाद में कंपनी कर्मचारियों के रवैये के चलते घायल कर्मी के 4 घंटे तक बयान नहीं हो सके। मृतक का पोस्टमार्टम रविवार को होने की उम्मीद है।
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घटना के संबंध में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। कर्मचारियों और सबसे अहम घायल छबाटा के बयानों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकेगा।
-वीरेंद्र सिंह, डिप्टी एसपी, रेवाड़ी
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