धारूहेड़ा। मसानी बैराज में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर अब क्षेत्र के ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। नदी और बैराज में आ रहे प्रदूषित जल के स्थायी समाधान की मांग को लेकर 31 मई को जनचेतना और पद यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
सेवानिवृत्त रेंज वन अधिकारी कमल सिंह यादव ने बताया कि साहबी नदी और मसानी बैराज क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोत हैं लेकिन लंबे समय से इनमें दूषित पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रदूषण के चलते जल स्रोत खराब हो रहे हैं। आसपास के गांवों के लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पहले हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था जिसमें करीब 20 गांवों के लगभग 4 हजार लोगों ने भाग लेकर अपना समर्थन दिया।
ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर सरकार और प्रशासन से साहबी नदी व मसानी बैराज को प्रदूषण मुक्त बनाने की मांग उठाई है। जल्द ही इन हस्ताक्षरों को मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। यह पहला चरण है, इस चरण में वो गांव शामिल किए गए हैं जो सीधे प्रभावित है। उसके बाद बाद दूसरे चरण पर कार्य किया जाएगा। कुल तीन चरण होंगे।
ये रहेगा जनचेतना यात्रा का शेड्यूल
कमल सिंह यादव ने बताया कि 31 मई को आयोजित होने वाली जनचेतना और पद यात्रा सुबह साढ़े 5 बजे जीतपुरा स्थित पीपल वाले हनुमान मंदिर से शुरू होगी। इसके बाद यात्रा विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगी। यात्रा सुबह 6 बजे तितरपुर, साढ़े 6 बजे मसानी, 7 बजे रसगन, साढ़े 7 बजे डूंगरवास, 8 बजे निखरी, साढ़े 8 बजे निगानियावास, 9 बजे रालियावास और साढ़े 9 बजे पंचगांव (जड़थल) पहुंचेगी। यात्रा का समापन जड़थल माता मंदिर पर परिक्रमा के साथ किया जाएगा।