धारूहेड़ा। भिवाड़ी की ओर से धारूहेड़ा में आने वाले प्रदूषित पानी को रोकने के लिए धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास पर बनाए गए रैंप का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। भिवाड़ी निवासी हवा सिंह दायमा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से रैंप के निर्माण को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि हरियाणा सरकार के जवाब के अनुसार विवादित रैंप का निर्माण राज्य सरकार की ओर से कराया गया था। कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए कि वह शपथपत्र दाखिल कर स्पष्ट करे कि उक्त रैंप का निर्माण किस प्राधिकरण के तहत और कानून के किस प्रावधान के अंतर्गत कराया गया था।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से यह भी बताने को कहा है कि हरियाणा अथवा राजस्थान के किसी भी क्षेत्र में जलभराव की समस्या से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। चूंकि मामला हरियाणा-राजस्थान सीमा से जुड़ा हुआ है, इसलिए कोर्ट ने दोनों राज्यों के बीच समन्वित प्रयास किए जाने की संभावनाओं पर भी जानकारी मांगी है।
कोर्ट ने यह शपथपत्र लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क शाखा), हरियाणा के सचिव द्वारा दो सप्ताह के भीतर दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को होगी।
रैंप बनने के बाद धारूहेड़ा की तरफ गंदे पानी का बहाव रुका
धारूहेड़ा में भिवाड़ी से लगातार आने वाले प्रदूषित पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। प्रदूषित पानी के कारण क्षेत्र में जल प्रदूषण और जलभराव की समस्या गंभीर होती रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भिवाड़ी से छोड़ा जाने वाला गंदा पानी धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास के आस-पास से होते हुए हरियाणा सीमा में प्रवेश करता था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के धारूहेड़ा दौरे के दौरान बाईपास पर पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए रैंप का निर्माण कराया गया था। इसके बाद धारूहेड़ा की ओर प्रदूषित पानी का बहाव काफी हद तक रुक गया। हालांकि, भिवाड़ी की तरफ से गंदा पानी छोड़े जाने की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भिवाड़ी बाईपास के साथ लगते एक निजी स्कूल के पीछे से अभी भी प्रदूषित पानी हरियाणा की सीमा में धारूहेड़ा की ओर छोड़ा जाता है। इस मामले में कार्रवाई की मांग लंबे समय से उठती रही है।
प्रदूषित पानी को लेकर मामला भी हो चुका है दर्ज
धारूहेड़ा में भिवाड़ी से आने वाले प्रदूषित पानी को लेकर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शिकायत पर सेक्टर-6 थाना धारूहेड़ा में मामला दर्ज किए जाने की बात भी सामने आ चुकी है। वहीं, प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से भी संबंधित पक्षों पर करोड़ों रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इधर, आगामी भिवाड़ी निकाय चुनाव को देखते हुए स्थानीय उम्मीदवारों की ओर से धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास पर जलभराव के बीच लोगों की आवाजाही के लिए मिट्टी डलवाकर अस्थायी रास्ता तैयार कराया गया है। इस रास्ते से मोटरसाइकिल और पैदल आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।