रेवाडी। चंडीगढ़ विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान जिला के मनेठी में बनने वाले एम्स का मुद्दा गुंजा। विधायक चिरंजीव राव ने बावल के मनेठी में बनने वाले एम्स के लिए सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार कब तक एम्स बनवाएगी और कब इसका टेंडर छोड़ा जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल्द ही एम्स बनवाने की बात कही।
राव ने कहा 2015 की घोषणा है और अब 2023 में भी यह जवाब कि एम्स जल्द ही बनाया जाएगा यह सरकार की मंशा को दर्शाता है। वहीं, मुख्यमंत्री सहित अनिल विज केंद्र सरकार पर ही एम्स को छोड़ते नजर आए। एम्स के निमार्ण में देरी हो रही है लेकिन शिलान्यास में देरी समझ से परे है। यदि भाजपा सरकार के मंशा एम्स बनवाने की है तो फिर एम्स का शिलान्यास क्यों नही हो रहा है, जबकि ग्रामिणों द्वारा 210 एकड जमीन स्वास्थ्य विभाग को स्वेच्छा से दी जा चुकी है। जमीन की बाउंडरी के लिए 10 महिने का समय मांगा गया था जोकि जुलाई में समय पूरा हो चुका हैं। लेकिन बाउंडरी तो दुर की बात है अभी तक डीपीसी तक नही भरी गई है। पिछले दिनों 940 करोड रूपये का टेंडर निकाला गया था जिसकी बिड की अंतिम तारिख 3 नवंबर थी जबकि 31 अक्तूबर को ही टेंडर रद्द कर दिया। सरकार ने यह भी नही बताया कि दोबारा से टेंडर कब लगाया जाएगा।
रेवाड़ी व धारूहेड़ा बस स्टैंड भी जल्द से जल्द बनवाया जाए
विधायक चिरंजीव राव ने कहा रेवाडी व धारूहेडा बस स्टैंड भी जल्द से जल्द बनवाया जाए लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड रहा है। बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है कभी भी कोई हादसा भी हो सकता है। इसके अलावा रेवाडी में 200 बेड के अस्पताल की भी घोषणा सरकार ने की हुई है लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नही की जा रही है। वहीं, 2016 में लडकों के कॉलेज की घोषणा भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी लेकिन उस पर आज तक एक ईंट तक नही लगी है। इसके अलावा रेवाडी शहर की एक बडी समस्या पीने के पानी की है, शहर की आबादी बढने के साथ पानी की क्लिलत निरंतर बढी है। इसके लिए सरकार ने एक अतिरिक्त वाटर टैंक बनवाने के लिए कहा था लेकिन आज तक कोई कदम नही उठाया गया है।