नगर परिषद में हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा -35 के तहत कराए कार्यों को निश्चित अवधि में हाउस की मीटिंग में पास न कराने के मामले में नप चेयरपर्सन व अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
इस मामले में नगर निकाय मंत्री, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री से लेकर उपायुक्त तक को पार्षदों की ओर से की गई शिकायत के बाद उपायुक्त ने मामले की जांच एसडीएम रेवाड़ी को सौंप दी है। आगामी 10 दिन में एसडीएम मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे।
करीब 10 दिन पूर्व नप पार्षद एवं पूर्व चेयरमैन विजय राव, विनीता ीपल, बीजेपी जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने उपायुक्त का नगर परिषद की वर्तमान चेयरपर्सन के खिलाफ लिखति शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी।
शिकायत में बताया गया था कि मई 2014 से लेकर अब नप चेयरपर्सन शकुंतला भांडोरिया द्वारा हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा 35 के तहत कई बार जेसीबी किराए पर लेकर कूड़ा उठाने का काम कराया है।
जबकि नगर परिषद पास कूडा उठाने के लिए एक जेसीबी है। सवाल उठाया गया कि जेसीबी से कराए गए कार्यों के खर्चे तक का उल्लेख नहीं किया गया है।
यह नहीं धारा 35 के तहत आपात स्थिति में कार्य कराया जाता है और उस कार्यों पर आगामी हाउस की मीटिंग में मुहर भी लगवानी जरूरी होती है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जो कि नियमानुसार गलत है।
इस संबंध में पार्षदों की ओर से नगर निकाय मंत्री कविता जैन से मिलकर मामले की शिकायत पार्षदों की ओर से की गई। इसके बाद रेवाड़ी आगमन पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से भी पार्षदों ने शिकायत की थी।
पार्षदों की ओर से शिकायत मिलने पर एडीसी को जांच सौंपी गई थी, लेकिन अब यह जांच एसडीएम करेंगे और आगामी 10 दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे।
-डा. यश गर्ग, उपायुक्त
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धारा 35 के तहत कराए गए कार्य जनहित में कराए गए हैं। कोई अन्य निजी कार्य नहीं कराया गया। सहारनवास में दो एकड़ जगह में कूड़ा अधिक होने पर वहां से कूडा उठाया गया था। इस संबंध में बृहस्पतिवार को ही एडीसी के सामने बयान दर्ज कराए थे। एसडीएम को जांच सौंपे जाने की मुझे जानकारी नहीं है।
-शकुंतला भांडोरिया, चेयरपर्सन, नगर परिषद
----------जितेंद्र