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चोरी के मामले में पौने 9 घंटे सीएमओ, पीएमओ, 15 डॉक्टर और 15 स्टाफ नर्स से पूछताछ

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रेवाड़ी। कोविड से तीन मरीजों की मौत के बाद उसके गहने चोरी होने मामले की जांच करने शनिवार को हेल्थ साइंस विभाग के डायरेक्टर डॉ. प्रवीण सेठी रेवाड़ी पहुंचे। यहां पर उन्होंने पौने 9 घंटे तक सीएमओ, पीएमओ, कोविड ड्यूटी में तैनात 15 डॉक्टरों व इतने ही स्टाफ नर्स, डीमएस व डिप्टी सिविल सर्जन सहित उस समय ड्यूटी में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान शिकायतकर्ता व उनके रिश्तेदार एक डॉक्टर भी मौजूद रहे।
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इस दौरान उस समय की सीसीटीवी फुटेज से लेकर सभी दस्तावेजों की जांच की गई। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के चलते चिकित्सक व अन्य स्टाफ बयान दर्ज कराने से बचता रहा और वकील की सलाह के बाद ही बयान दर्ज कराने की बात कही। डॉ. सेठी ने बताया कि सुबह 10 बजे से लेकर पौने सात बजे तक जांच की गई है, लेकिन अभी किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।
बता दें कि गुरुग्राम के सेक्टर-52 की हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी राकेश वर्मा के अनुसार नाना भगवानदास सोनी व नानी प्रेमवती की मई में कोविड से मौत हो गई थी। 3 मई को दोनों की देखभाल के समय संक्रमित हुए राकेश वर्मा के पिता की भी कोविड से मौत हो गई थी। राकेश वर्मा ने गृह मंत्री अनिल विज को शिकायत देते हुए बताया था कि नागरिक अस्पताल के वार्ड में उनके नाना भगवानदास सोनी के हाथ से सोने की अंगूठी व नकदी से भरा पर्स तथा उनकी नानी के कानों की बालियां, नोजपिन व सोने की अंगूठी चोरी की गई। उन्हें सिर्फ चांदी की पायल व मोबाइल ही लौटाया गया था।
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जिले में सुनवाई नहीं हुई तो गृहमंत्री को दी शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के अधिकारियों को शिकायत देकर वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच करने की मांग की थी। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होने पर गृहमंत्री को शिकायत की गई थी। एक दिन पहले ही पुलिस ने गृहमंत्री के आदेश पर केस दर्ज किया था। मामला गंभीर होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने इसकी उच्च स्तरीय जांच शुरू की है।
जांच करने पहुंचे डीएचएस डॉ. प्रवीण सेठी से बातचीत....
सवाल- कितने घंटे जांच चली
जवाब- सुबह 10 बजे से लेकर पौने सात बजे तक जांच चलती रही।
सवाल- कितने लोगों को जांच में शामिल किया गया था।
जवाब- सीएमओ, पीएमओ, एमएस, डीएमएस, डिप्टी सिविल सर्जन, कोविड ड्यूटी में तैनात 15 डॉक्टर व 15 स्टाफ नर्स के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व शिकायतकर्ता के साथ उनके मौसा डॉ. विनोद भी आए हुए थे।
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सवाल- जांच में क्या सामने आया है।
जवाब- उस दौरान की वीडियो फुटेज व दस्तावेजों की जांच की गई है।
सवाल- बयान दर्ज हुए की नहीं।
जवाब- एक दिन पहले ही एफआईआर दर्ज हुई है। ऐसे में सभी डॉक्टर ने वकील से बात करने के बाद ही बयान दर्ज कराने का हवाला दिया है।
सवाल- सर अब आगे क्या।
जवाब- मामले की जांच शुरू की गई है, इधर पुलिस भी जांच करेगी। उसी आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
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