रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की ओर से चलाए गए साइंस प्रमोशन प्रोग्राम के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, गुरुग्राम की ओर से जिले के विद्यालयों की प्रयोगशालाओं के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। डायट हुसैनपुर के प्राचार्य सुभाष चंद्र ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत जिले के उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की प्रयोगशालाओं का जिला विज्ञान विशेषज्ञ रीनू यादव व डायट में उपस्थित विज्ञान विषय विशेषज्ञ डॉ. बीर सिंह, दिनेश कुमार और धर्मेंद्र यादव प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करेंगे।
प्राचार्य ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रत्येक माध्यमिक एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशालाएं खोलने की व्यवस्था की गई है। इनमें बच्चा कुछ करके सीखता है ताकि उसके मन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो। ऐसा होने से बच्चे में प्रेक्षण लेने, विश्लेषण करने व निष्कर्ष तक पहुंचने की सोच, विचार करने की क्षमता, निरीक्षण का भाव व निर्णय लेने क्षमता विकसित होती है। अपने सीखे गए कार्य पर वह व्याख्यान देने का कौशल हासिल करता है।
विज्ञान प्रभारी डॉ. बीर सिंह ने बताया कि परिषद से मिले निर्देश अनुसार इस माह प्रयोगशालाओं के निरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित करके जल्द भेजा जाए और इस कार्य के लिए निर्धारित पता, जो गूगल फार्म उपलब्ध कराया गया है। इसमें दर्शाए गए मुख्य बिंदु जैसे विद्यालय में विज्ञान अध्यापक है या नहीं, प्रयोगशाला में प्राप्त उपकरण व सामग्री है या नहीं, बिजली पानी व हवा की व्यवस्था, प्रयोगशाला का रखरखाव, सुरक्षा के उपकरण, अध्यापक/ प्राध्यापकों द्वारा बच्चों को प्रयोगशाला में प्रयोग करवाए जाते हैं या नहीं आदि पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रयोगशाला की स्थिति के अनुसार गूगल फार्म के माध्यम से विस्तृत रिपोर्ट बनाकर के आगामी कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा। निरीक्षणकर्ताओं की ओर से विज्ञान से संबंधित कुछ प्रयोगों का प्रमाणीकरण करके अध्यापकों एवं विद्यार्थियों में साइंस के प्रति रुचि पैदा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि बच्चे भविष्य में ज्यादा से ज्यादा विज्ञान की तरफ आकर्षित हो सकें तथा देश की प्रगति में योगदान दें।