वृद्ध आश्रम में किचन गार्डन तैयार करते विवि। स्रोत :
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग की टीम के सहयोग से बाबा फरीद सेवा ट्रस्ट की तरफ से संचालित वृद्ध आश्रम में टेरेस किचन गार्डन लगाया गया। मंगलवार को रसोई घर से निकलने वाले जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने की विधि बताई गई।
पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन नागपाल ने किचन गार्डनिंग, जैविक खाद निर्माण तथा सतत विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल वृद्धजनों को प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपने घरों में किचन गार्डन अपनाने एवं जैविक कचरे से खाद बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर इंजीनियर सोनिया नाहर, शोधार्थी देवानंद एवं राहुल, जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से एकता कौशिक की विशेष उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही।