बावल। कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसएचएच कंपनी में शनिवार को लघु उद्योग इकाईयों के प्रतिनधियों की बैठक हुई। इसमें एमएसएमई के निदेशक प्रभात चतुर्वेदी ने रेवाड़ी पहुंच कर जिला की लघु उद्योग इकाईयों के प्रतिनधियों से मुलाकात करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश में आर्थिक विकास के अग्रदूतों-एमएसएमई और छोटे व्यवसायों के लिए एक सक्षम परिस्थिति की तंत्र प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के समीप है इसलिए यहां मिनी कलस्टर बनाकर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी में प्लास्टिक रीसाइक्लिंग क्लस्टर के लिए लगभग 2.5 करोड़ खर्चे की मंजूरी दे दी गई है, इसमें 90 प्रतिशत सब्सिडी सरकार ने दी है। यहां पहले प्लास्टिक रीसाइक्लिंग क्लस्टर को प्रारंभिक स्वीकृति दी है और साथ ही ब्रास कास्टिंग, एल्युमीनियम कास्टिंग, कॉपर शीट्स और बर्तनों के मिनी क्लस्टर के लिए चर्चा की है। उन्होंने बताया कि इन मिनी कलस्टर में ब्रास कास्टिंग, एल्युमीनियम कास्टिंग, कॉपर शीट्स और बर्तनों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार एमएसएमई के माध्यम से सभी जिलों में औद्योगिक क्लस्टर बना रही है। इसका उद्देश्य हर नौजवानों को रोजगार उपलब्ध करवाकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश को देश के पसंदीदा व्यवसाय केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। एमएसएमई और छोटे व्यवसायों को सभी उद्यमशीलता संबंधी जानकारी और बिजनेस इंटेलिजेंस से संबंधित कमियों पर सक्रिय रूप से समर्थन, सलाह और सुविधा प्रदान करना है। इस मौके पर लघु उद्योग रेवाड़ी इकाई के प्रधान संजय डाटा, अरुण टोकस, शुभम अग्रवाल, मुकेश कुमार, प्रांजल डाटा और मदन लाल मोजूद थे।