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Rewari News: 10 हजार बच्चों की जांच में 5 हजार बीपी और 3 हजार शुगर के मरीज

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एक स्कूल में बच्ची की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत: विभाग
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रेवाड़ी। बदलते लाइफस्टाइल ने लोगों के स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचाने का कार्य किया है। बच्चे, युवा और बुजुर्गों में कोई न कोई स्वास्थ्य संबंधित बीमारी देखने को मिल रही है। यह खुलासा गैर संक्रामक रोगों की पहचान के लिए चलाए गए अभियान और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य की हुई जांच में हुआ है।
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गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) की पहचान के लिए चलाए गए अभियान में करीब 5 हजार बीपी और शुगर के करीब 3 हजार मरीज मिल चुके हैं। बीपी और शुगर के इतनी संख्या में मरीज मिलना चिंताजनक है, यह रिपोर्ट तो अकेले एनसीडी सेल की है। जिले में 220 से ज्यादा छोटे-बड़े निजी अस्पताल भी हैं, जिनमें भी हर रोज बड़ी संख्या में बीपी व शुगर की जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
वहीं, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम 10 हजार से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर चुकी है। इनमें 7200 बच्चों में दांतों की बीमारी है। किसी में पायरिया, दांतों में सड़न, हिलने व अन्य समस्या मिली है। स्कूलों में 2700 बच्चों के खून की जांच की गई। इनमें 600 से अधिक बच्चों में खून की कमी पाई गई। इन बच्चों में 7 ग्राम से कम खून पाया गया है। इसका कारण भोजन में पौष्टिक तत्वों की कमी बताई गई। इसी तरह हकलाकर बोलने, देरी से बोलने सहित स्पीच डिले की अन्य बीमारियों के भी 520 बच्चे मिले हैं।
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इस वजह से हो रही अधिक समस्या

इतनी संख्या में पीड़ित मिलने के पीछे बड़ी वजह तनाव भरी जिंदगी, मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने और तंबाकू के सेवन के साथ ही खाने में बढ़ता फास्ट फूड का चलन भी मुख्य है। चिकित्सकों ने बताया कि अब ज्यादा समय मोबाइल स्क्रीन, कंप्यूटर या लैपटॉप पर बीत रहा है। स्वस्थ रहने के लिए कसरत करना व घूमना-फिरना बेहद जरूरी है। ऐसा करने से शरीर का वजन संतुलित रहता है। एनर्जी बूस्ट करने में मदद मिलती है। इसके साथ कसरत मेंटल हेल्थ को संतुलित रखती है। साथ ही नींद की गुणवत्ता बढ़ती है, अर्थात अच्छी नींद आती है। तनाव दूर होता है। लाइफ स्टाइल में दूसरा बदलाव खानपान व तंबाकू का सेवन है। फास्ट फूड शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। इसका सेवन कम से कम करना चाहिए।

मोटापे की वजह से भी होती है समस्या

वर्तमान में स्कूल जाने वाले बच्चों में भी फास्ट फूड का सेवन बढ़ा है, जिस वजह से उनमें मोटापा बढ़ रहा है। यह मोटापा विभिन्न बीमारियों की जड़ है। इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा हो जाती है, जिससे मोटापा बढ़ जाता है। स्कूल में कैंप में बच्चों को न्यूट्रीशन के बारे में बताया जाता है। उनको फास्ट फूड का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।




वर्जन:

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने जिले में सात टीमें बनाई हुई है। इनमें 5 टीमें ब्लॉक में, एक शहर व एक कोसली में जांच कार्य संभालती हैं। ये टीमें सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्क्रीनिंग करती हैं। इसके बाद टीम ने उन्हें बीमारियों से बचाव और इनके कारणों की जानकारी देती है।
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-मीनाक्षी, डीईआईसी, नागरिक अस्पताल

वर्जन:

स्वस्थ रहने के लिए अच्छा खानपान, व्यायाम करना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार का सेवन करें और सुबह-शाम घूमना भी चाहिए।

-डॉ. सुभाष, एनसीडी क्लीनिक
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