रेवाड़ी। सौर ऊर्जा सरकारी भवनों के साथ ही लोगों तक भी पहुंचने लगी है। लोगों का रूझान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की तरफ बढ़ने लगा है। जिले में अब तक 8 हजार लोग इसके लिए आवेदन कर चुके हैं। रेवाड़ी में 1295 घर अब तक सोलर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं।
योजना की शुरूआत 13 फरवरी 2024 को हुई थी। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हर जिला में एक गांव को मॉडल सोलर विलेज पुरस्कार के लिए चुना जाएगा। सोलर एनर्जी के सदुपयोग में जो गांव प्रथम आएगा, उसे एक करोड़ की राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। रेवाड़ी में 14 गांवों को केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई इस प्रतियोगिता के लिए चुना गया है।
बिजली वितरण निगम की ओर से गांव-गांव में लोगों के घरों पर सोलर एनर्जी के संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इस स्कीम का प्रयोग करते हुए एक परिवार अपने बिजली बिल को नाममात्र राशि या शून्य तक ला सकता है। इस साल 26 मई से 26 नवंबर तक की अवधि के बीच जिस गांव में सबसे अधिक सोलर पैनल लगे होंग, उसका चयन इस पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
सोलर एनर्जी के प्रयोग को ध्यान में रखते हुए इस प्रतियोगिता की श्रेणी में जिले के 14 गांवों को चुना गया है जिनमें गांव महेश्वरी, डहीना, डहीना, अकेड़ा, गोकलगढ़, नंदरामपुर बास, गुरावड़ा, घटाल महनियावास, रामपुरा, जैनाबाद, मनेठी, सीहा, भाकली, कोसली व नाहड़ शामिल है। इनमें से एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में चुना जाएगा।
योजना का ये है उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य है कि हर एक जिले में कम से कम एक गांव को सोलर एनर्जी की दृष्टि से एक आदर्श गांव के रूप में चुना जाए जिससे कि दूसरे गांवों को भी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अपनाने के लिए प्रेरणा मिल सके। सोलर एनर्जी सिस्टम को घर में बिजली के प्रयोग और खेतों में ट्यूबवेल आदि चलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार की ओर से एससी व बीसी चौपाल में सोलर पावर सिस्टम लगवाने के लिए पंचायत को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
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विभाग की ओर से अपरंपरागत ऊर्जा स्रोतों का प्रचार एवं प्रसार इसलिए किया जा रहा है ताकि जिले में अक्षय ऊर्जा का लोग ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें और परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो सके। अभी इस योजना के तहत जिला सचिवालय में 200 किलोवाट और नागरिक अस्पताल रेवाड़ी में 90 किलोवाट क्षमता के ग्रिड कनेक्शन आधारित सोलर प्लांट लगाए गए थे। वर्तमान में इन सोलर प्लांट से सचिवालय और नागरिक अस्पताल में उपयोग की जाने वाली बिजली की बचत हो रही है।