बावल। वाल्मीकि बस्ती में बनवारे को लेकर हुए विवाद में अब दूसरा पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि झगड़े में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। गोत्र विवाद की बात को खारिज किया है।
घायल नीलम देवी और सोमा देवी ने बताया कि उनके परिवार में एक लड़की की शादी थी और रिश्तेदार वापस जाने की तैयारी कर रहे थे। रात के समय कुछ रिश्तेदारों को पंजाब जाने के लिए ट्रेन में बैठाने की तैयारी चल रही थी।
इसी दौरान पड़ोस से एक शादी का बनवारा गुजर रहा था। उनका आरोप है कि बनवारे में शामिल कुछ लोग अभद्र तरीके से इशारे करते हुए नाच रहे थे और डीजे पर अश्लील गाने बजाए जा रहे थे।
जब उन्होंने बनवारा ले जा रहे लोगों से डीजे को थोड़ा आगे ले जाने का आग्रह किया तो कुछ लोग भड़क गए और बहस के बाद झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और लाठी-डंडे चलने लगे जिसमें कई लोग घायल हो गए।
घायल महिलाओं को तुरंत उपचार के लिए बावल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के अनुसार 10 तारीख को झगड़े में घायल दो महिलाओं को इलाज के लिए लाया गया था जिनमें से एक महिला का ऑपरेशन करना पड़ा, जबकि दूसरी महिला को भी गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। बता दें कि बुधवार को बरात पुलिस के पहरे में निकाली गई थी।
-
मामले का गोत्र विवाद से कोई संबंध नहीं
हीरालाल ने बताया कि उस समय वे अपने रिश्तेदारों को रेलवे स्टेशन छोड़ने के लिए बाहर खड़े थे। उनका कहना है कि बनवारे में शामिल कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर नाच रहे थे और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। जब उनसे डीजे थोड़ा आगे ले जाने के लिए कहा गया तो उन्होंने झगड़ा शुरू कर दिया। इस मामले का किसी प्रकार के गोत्र विवाद से कोई संबंध नहीं है क्योंकि वह मामला पहले ही सुलझाया जा चुका है।