महेंद्रगढ़। शहर स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में विज्ञान लैब नहीं है और बोटनी कक्ष में नाममात्र की लैब बनाई गई है। इसमें परीक्षण के लिए परखनली और कैमिकल की सुविधा भी नहीं है।
लैब के अभाव में जिम्मेदारों की ओर से नजदीक ही स्थित राजकीय महाविद्यालय से उधारी परखनलियों से छात्राओं को कैमिकल रिएक्शन की परख कराई जा रही है। जिम्मेदारों की ओर से पिछले दो सालों से लैब की मांग को लेकर पत्राचार भी किया जा रहा है।
महिला महाविद्यालय की छात्राओं से विज्ञान लैब की सुविधा पर बातचीत की गई तो इस दौरान छात्राओं ने बताया कि संस्थान में लैब की सुविधा नहीं है। उन्हें पाठ्यक्रम के दौरान परीक्षण के लिए नजदीक ही स्थित राजकीय महाविद्यालय में जाना पड़ता है। वहां पर प्रोफेसर छात्राओं को परीक्षण करके बताते हैं।
अगर कोई छोटा परीक्षण होता है तो दूसरे महाविद्यालय से उधारी परखनलियां लाकर उन्हें पाठ्यक्रम कराया जा रहा है। महाविद्यालय की विज्ञान संकाय में प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में 350 छात्राएं हैं। अब पांचवें समेस्टर की परीक्षा और प्रैक्टीकल का समय भी आ चुका है।
प्रथम वर्ष की छात्राओं ने बताया कि उनको विज्ञान लैब के बारे में जानकारी ही नहीं है और अभी तक उन्हें कोई परीक्षण भी नहीं कराया गया है। लैब के अभाव में छात्राएं उधारी के सामान पर निर्भर हैं।
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15.5 करोड़ का एस्टीमेट तैयार, जगह भी हो चुकी फाइनल
लैब के लिए संस्थान में विज्ञान खंड के पास ही वर्ष 2023 में जगह फाइनल हो चुकी है। इसमें 8 कमरे और एक विज्ञान लैब को शामिल किया गया है। उस दौरान पीडब्ल्यूडी के माध्यम से 15.5 करोड़ का बजट एस्टीमेट भेजा गया था लेकिन एक साल सरकार की ओर से बजट का अभाव बताकर बजट एस्टीमेट मंजूर नहीं हुआ। अब भी संस्थान को बजट मंजूरी मिलने की उम्मीद है ताकि छात्राओं को लैब की सुविधा मिल सके।
छात्राएं बोलीं : साइंस लैब का पता ही नहीं
प्रथम वर्ष में हूं और कॉलेज में विज्ञान लैब नहीं है। परीक्षण कोई नहीं करवाया गया है और अभी इस बारे में अधिक पता भी नहीं है। कॉलेज में सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। -निशा, छात्रा
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मैं कॉलेज में प्रथम वर्ष में हूं और यहां पर विज्ञान लैब की कोई सुविधा नहीं है। अभी तक कोई प्रैक्टीकल परीक्षण नहीं हुआ है तो परीक्षण की व्यवस्था का अधिक पता नहीं है। -सुहानी, छात्रा
वर्जन:
छात्राओं को परीक्षण के लिए दूसरे कॉलेज में ले जाया जाता है। लैब के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा है और जगह भी फाइनल हो चुकी है। अब बजट मंजूर नहीं होने के कारण लैब का काम अटका हुआ है। अगर सरकार बजट जारी करे तो लैब की सुविधा मिल सकती है। -मक्खन सिंह, विज्ञान खंड प्रभारी, महिला महाविद्यालय
फोटो संख्या:-51 राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्राएं मॉडल बनाते हुए---संवाद- फोटो : कलक्ट्रेट में अधिकारी,कर्मचारियों को शपथ दिलाते एडीएम न्यायिक अरविंद पांडेय। स्रोत सूचना विभाग
फोटो संख्या:-51 राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्राएं मॉडल बनाते हुए---संवाद- फोटो : कलक्ट्रेट में अधिकारी,कर्मचारियों को शपथ दिलाते एडीएम न्यायिक अरविंद पांडेय। स्रोत सूचना विभाग