रेवाड़ी। दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत दहेज लेना, देना या इसके लिए उकसाना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक से पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के अभी उपायुक्त को उचित दिशा निर्देश दिए।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दहेज मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आमजन को इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि दहेज मांगने, लेने या देने से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का दबाव किसी पक्ष पर न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में जिला स्तर पर दहेज निषेध अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है, ताकि मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि दहेज से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत पीड़ित महिला या उसके परिजन जिला प्रशासन को सूचित कर सकते हैं। इसके अलावा, सभी एसडीएम को दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है, जहां भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।