रेवाड़ी। आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान को लेकर भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की ओर से मंगलवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई। हालांकि, जिले के निजी अस्पतालों में हड़ताल का कोई खास असर नजर आया। सामान्य मरीजों की ओपीडी सुचारू रूप से चलती रही। आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की ओपीडी को लेकर अस्पतालों में अलग-अलग स्थिति रही।
आईएमए रेवाड़ी की अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। सरकार को लंबित भुगतान जल्द जारी करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिले के करीब 24 निजी अस्पतालों का छह माह से अधिक समय से करोड़ों रुपये से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है। वहीं, हरियाणा में आयुष्मान योजना से जुड़े करीब 480 निजी अस्पतालों की लगभग 1200 करोड़ रुपये की राशि लंबित है।
डॉ. नीरज यादव ने कहा कि योजना के तहत अस्पतालों को उपचार के बाद 15 दिन के भीतर भुगतान किए जाने का प्रावधान है, लेकिन कई दावों का भुगतान महीनों से नहीं हुआ है। इससे अस्पतालों पर दवाइयों, जांच, चिकित्सा उपकरण और कर्मचारियों के वेतन का आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सांकेतिक हड़ताल के बाद सरकार को 15 दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में लंबित भुगतान समेत अन्य समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 16 सितंबर से आयुष्मान योजना की सेवाएं बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया जा सकता है।