इंदिरा गांधी विश्विविद्यालय(आईजीयू) मीरपुर की ओर से करीब 6 माह पहले क्लर्क व चपरासी के पदों के लिए मांगें के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। ऐसे में विवि निर्माण के सात साल बाद आईजीयू को स्थायी क्लर्क व चपरासी मिलने की उम्मीद बढ़ी है। छंटनी प्रक्रिया के बाद महज 5 आवेदन को योग्यता पूरी नहीं करने पर रद्द किया है।
बेरोजगारी का आलम देखिए कि आईजीयू मीरपुर में 11 चपरासी के पदों के लिए करीब चार हजार आवेदन मिले हैं। वहीं 9 क्लर्क के पदों के लिए 1100 युवाओं ने आवेदन किया है। चपरासी के पदों पर आवेदन करने वालों में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर कर चुके अभ्यर्थी भी शामिल हैं। चपरासी के पद पर आवेदन करने वालों में बीए जहां आम है। इसके अलाव पीजी कर चुके युवाओं ने भी आवेदन किए हुए हैं।
वर्ष 2013 में विवि बनने के एक साल बाद 2014 में आईजीयू की ओर से 17 क्लर्क की भर्ती की गई थी। इसके बाद विवि में चार टीचिंग पोस्ट छोड़ दें तो किसी पद पर स्थायी भर्ती नहीं हो पाई है।
-युवाओं को मिलेेगा रोजगार, विवि के कार्यों में सुधार की उम्मीद
विवि में भर्ती प्रक्रिया शुरु होने से जहां क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। वहीं विवि के कार्यों में तेजी आ सकेगी। आईजीयू में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ करीब 133 कॉलेज विवि से जुड़े हुए हैं। गैर शैक्षणिक कार्यों के लिए सबसे ज्यादा जरूरत लिपिकों की होती है। लिपिकों की कमी पूरा करने के लिए विवि में 125 लिपिक की जरूरत है। विवि ने इन खाली पोस्ट पर महज 9 क्लर्क के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
-छंटनी प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरु करेंगे भर्ती प्रक्रिया: प्रो. चाहर
विवि में जनसंपर्क विभाग को देख रहे प्रो. एसएस चाहर ने बताया कि छंटनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही लिखित परीक्षा के लिए विवि की साइट पर जानकारी दी जाएगी। इसके बाद अन्य रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की जाएंगी।