रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को लेकर इनसो छात्र नेताओं ने वाइस चांसलर (वीसी) कार्यालय के बाहर पीपे (कनस्तर) पीटकर प्रदर्शन किया। सोमवार को यूनिवर्सिटी अध्यक्ष रवि मसीत के नेतृत्व में छात्रों ने हॉस्टल के मुद्दों और पीजी कोर्सेज में एडमिशन के लिए स्नातक कोर्स की प्रतिशतता (परसेंटेज) की अनिवार्यता को 45 से 50 प्रतिशत करने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे सेमिनार को छात्र नेताओं ने रूकवा दिया। छात्रों की भीड़ को देख आक्रोशित होकर वाइस चांसलर को पीछे के दरवाजे जाना पड़ा। इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
यूनिवर्सिटी इनसो अध्यक्ष रवि मसीत ने कहा कि हॉस्टल में छात्रों की बहुत समस्याएं हैं, जिनके लिए वह सोमवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अपनी मांगे मनवाने के बाद ही वापस जाएंगे। जब यूजीसी और बीसीआई के अनुसार पीजी कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए स्नातक में 45 प्रतिशत नंबर चाहिए तो आईजीयू यूजीसी से बढ़कर है। विश्वविद्यालय ने स्नातक की परसेंटेज की अनिवार्यता को 50 प्रतिशत पर रखा है, जो कि यूजीसी के नियम के हिसाब से 5 प्रतिशत अधिक है। यह छात्रों के साथ अन्याय है। छात्र इस अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक हमारी सभी मांगे नहीं मानी जाती तब तक यह विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा।
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वर्जन:
नियम के अनुसार ही एडमिशन किए जाएंगे। बाकी यूनिवर्सिटी तो 60 से 65 प्रतिशत तक एडमिशन देती हैं।
- जयप्रकाश यादव, वाइस चांसलर, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर।