कैप्शन नंबर 34 रेवाड़ी। आईजीयू की कुलसचिव डॉ. अन्नपूर्णा शर्मा के त्याग पत्र देने के बाद शॉल ओढ़ाक?
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रेवाड़ी। करीब डेढ़ साल की खींचतान के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री की बेटी व इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर की कुल सचिव डॉ. अन्नपूर्णा शर्मा ने वीरवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। विदाई समारोह के समापन अवसर पर डॉ. अन्नपूूर्णा शर्मा की ओर से पढ़ा गया एक शेर- दिन के उजालों को आंखों में महफूज रखना.. दूर तक रात ही रात होगी.. मुसाफिर हम भी मुसाफिर तुम भी फिर किसी मोड़ पर मुलाकात होगी.. विवि में चर्चा का विषय बन गया। विवि का कर्मचारी हो या अधिकारी हर कोई समझ रहा था कि आखिर ये अल्फाज किसके लिए कहे जा रहे हैं।
बता दें कि गुरुग्राम विवि में डिप्टी रजिस्ट्रार रहने के बाद करीब दो साल पहले डॉ अन्नपूर्णा शर्मा ने आईजीयू में बतौर रजिस्ट्रार ज्वाइन किया था। वहीं मार्च 2019 में प्रो. एसके गक्खड़ ने विवि में बतौर वीसी ज्वाइन किया था। ज्वाइनिंग के समय आचार संहिता लगी हई थी। उस समय यह मामला सुर्खियों में रहा था, बस यहीं से मामला उलझता चला गया। मसला सीएम तक भी पहुंचा था, लेकिन उस समय सीएम के दखल से मामला शांत हो गया था।
ग्रोथ के लिए था जरूरी
डॉ. अन्नपूर्णा शर्मा द्वारा कुलसचिव पद से त्यागपत्र देने पर विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारियों द्वारा उनको शॉल व गुलदस्ता भेंट कर उनकी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर कुलपति प्रो. एसके गक्खड़ ने उनको शुभकामनाओं देते उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस समारोह में कुलसचिव डॉ. अन्नपूर्णा शर्मा ने भी विवि से मिले सहयोग की सराहना की। त्यागपत्र देने के सवाल पर डॉ. अन्नपूर्णा ने कहा कि ग्रोथ के लिए ऐसा करना जरूरी था। हमेशा अपने आपको शिक्षक समझा है अब दोबारा से बतौर शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हुए आगे बढ़ना था। उन्होंने कहा कि उनके विवि में उनके सबसे अच्छे रिश्ते रहे हैं, उम्मीद है कि विवि आने वाले समय में प्रगति करे।