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Rewari News: हालात नहीं सुधरे तो बंद होने के कगार पर होंगी लघु उद्योग की गैसचालित 150 कंपनियां

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संजय डाटा
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रेवाड़ी। जिले में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और स्थानीय नीतियों के संयुक्त प्रभाव से छोटे उद्योगों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। लघु उद्योगों की 150 कंपनियां हैं जो गैस से काम करती हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो काफी नुकसान हो सकता है। रोजगार पर भी प्रभाव पड़ेगा।
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कई छोटे उद्यमी पहले ही गैस आधारित नई भट्टियों और उपकरणों में भारी निवेश कर चुके हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की कीमतें बढ़ रही हैं साथ ही सप्लाई में बाधा आ रही है।
छोटे उद्योगों के लिए उत्पादन लागत संभालना मुश्किल हो गया है। इसका असर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि होटल, ढाबा, रेहड़ी-पटरी, वेल्डिंग और फैब्रिकेशन जैसे छोटे कामगारों की आजीविका पर भी पड़ेगा।
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बेरोजगारी बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है : संजय डाटा
दक्षिणी हरियाणा लघु उद्योग भारती के संयोजक संजय डाटा का कहना है कि जिले में पहले ही एनजीटी के आदेशों के तहत सभी डीजी सेट को गैस से चलाने की अनिवार्यता और पुरानी भट्टियों को बंद कर गैस भट्टियों में कन्वर्जन करने की बाध्यता के कारण छोटे उद्योगों पर आर्थिक दबाव बढ़ चुका है। शहर में गैस आपूर्ति लगभग एक ही कंपनी के नियंत्रण में होने से प्रतिस्पर्धा का अभाव है और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है। यदि सप्लाई चेन प्रभावित होने से इसका भार सबसे अधिक लघु और कुटीर उद्योगों को उठाना पड़ेगा। यदि ईंधन लागत बढ़ती रही तो कई लघु इकाइयों के बंद होने और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है।

रियायत या कर में छूट दी जाए : रोहित
कारोबारी रोहित सचदेवा का कहना है कि खाड़ी संकट जैसी परिस्थितियों में गैस, डीजल और औद्योगिक ईंधन के लिए मूल्य स्थिरीकरण तंत्र लागू किया जाए। गैस आधारित भट्टियों और डीजी सेट में कन्वर्जन करने वाले उद्योगों को सब्सिडी, बिजली में रियायत या कर में छूट दी जाए। रेवाड़ी में गैस सप्लाई के एकाधिकार को समाप्त कर अधिक कंपनियों को अनुमति देने और छोटे उद्योगों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज घोषित करने की भी मांग है।

उद्योग और रोजगार दोनों रहें सुरक्षित : सुधीर
कारोबारी सुधीर चौधरी का कहना है कि शहर में गैस सप्लाई लगभग एक ही कंपनी के नियंत्रण में है जिससे प्रतिस्पर्धा का अभाव और कीमतों पर दबाव बना रहता है। खाड़ी संकट के चलते सप्लाई में व्यवधान आता है तो इसी एक कंपनी के माध्यम से महंगी और अनिश्चित गैस सप्लाई उद्योगों के लिए असहनशील हो जाएगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि उद्योगों के लिए समयबद्ध राहत उपाय लागू किए जाएं ताकि उद्योग और रोजगार दोनों सुरक्षित रह सकें।

संजय डाटा

संजय डाटा

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