रेवाड़ी। सेक्टर-18 के पार्क में बने प्राचीन बाबा भैया मंदिर की चहारदीवारी हटाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से ढालियावास की ग्राम पंचायत को दिए गए 30 दिन के नोटिस को लेकर रविवार को गांव की एक पंचायत हुई। इसमें वक्ताओं ने प्रशासन व एचएसवीपी के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि अगर मंदिर की जमीन को रिलीज लैंड घोषित नहीं किया गया, तो 25 जून को तेरह गांवों की महापंचायत का आयोजन करने के बाद कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। इस दौरान प्रशासन को पंचायत की ओर से एक पत्र भी लिखा गया।
सेक्टर-18 के पार्क में दशकों से बने बाबा भैया मंदिर से आसपास के कई गांवों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इस मंदिर को पार्क से हटवाने के लिए सेक्टर के कुछ लोग एसएसवीपी के अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं, जबकि यह मंदिर पार्क में एक ओर बना हुआ है। एचएसवीपी की ओर से ढालियावास ग्राम पंचायत को 8 जून को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि पंचायत मंदिर की चहारदीवारी को या तो खुद हटा लें, नहीं तो एचएसवीपी इसके अपनी जमीन पर अतिक्रमण मानते हुए खुद हटवा देगा। इस नोटिस के कारण रविवार को सरपंच सुशीला देवी की अध्यक्षता में एक पंचायत का आयोजन हुआ। पंचायत में पूर्व सरपंचों के साथ-साथ पंचों और नंबरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों की धार्मिक आस्था से जुड़े इस प्राचीन मंदिर को बचाने के लिए वह किसी भी स्तर पर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। प्रशासन और एचएसवीपी के अधिकारियों को पत्र लिखकर पंचायत ने मांग उठाई कि मंदिर की पूरी जमीन को 24 जून तक रिलीज लैंड घोषित किया जाए। पंचायत मंदिर की एक र्इंट तक वहां से नहीं हटाने देगी। अगर निर्धारित अवधि तक ग्रामीणों की मांग पर विचार नहीं किया गया, तो 25 जून को आसपास के 13 गांवों की महापंचायत बुलाई जाएगी। इस महापंचायत में मंदिर की जमीन बचाने के लिए कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। पंचायत में सरपंच सुशीला देवी, पूर्व सरपंच रामकंवार, भोलूराम, प्रदीप, संतरा देवी, फूलवती, रामनिवास, राजेंद्र पटवारी, मनोज पहलवान, सुरेश कुमार, ब्लॉक समिति सदस्य नीरज कुमारी, ओमप्रकाश, नरेंद्र, भगतसिंह, अतर सिंह, कैलाश प्रधान, महाबीर, रामचंद्र, धर्मदेव, बलराज, सतेंद्र, सतबीर आदि मौजूद रहे।