रेवाड़ी। शहर की सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू हो गया है। तीन दिनों में 40 ऐसे पशुओं को पकड़कर धारूहेड़ा स्थित गोशाला में भेजा जा चुका है। कुछ दिन पहले ही डीसी अशोक कुमार गर्ग ने इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे।
रेवाड़ी शहर में जुलाई में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कई लोगों को बेसहारा पशुओं ने हमला कर घायल कर दिया था। गनीमत यह रही कि सभी की जान बच गई। लगातार बढ़ते मामलों को लेकर डीसी ने नगर परिषद (नप) के अधिकारियों को बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठोस योजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए थे। चूंकि नगर परिषद ने पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका दिया हुआ है। फिर भी शहर की हर सड़क और गली में पशुओं की वजह से हादसे होते रहे।
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जुलाई में ये हुईं घटनाएं
जुलाई में बेसहारा पशुओं की वजह से कई घटनाएं हुईं। 27 जुलाई को शहर के सेक्टर-3 में प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय के बाहर लड़ रहे सांड़ों ने तीन कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इससे एक दिन पहले 26 जुलाई को जलियावास में सड़क पर दौड़ रहे सांड़ों की चपेट में आने से एक बाइक सवार घायल हो गया था। उधर, सेक्टर-4 में भी इस तरह की तीन घटनाएं हो चुकी है। इस दौरान साइकिल चला रहे बच्चे पर बेसहारा पशुओं ने हमला कर दिया था, जबकि दूसरे मामले में कंपनी कर्मी पर सांड़ ने हमला कर दिया था। वहीं कुछ दिन पहले शहर की परशुराम कॉलोनी में एक मासूम बच्चे को बेसहारा पशु ने चोटिल कर दिया था। वहीं 30 जुलाई को मोहल्ला शिव कॉलोनी में एक सांड़ ने 70 वर्षीय बुजुर्ग को घायल कर दिया था।
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शहर की सड़कों पर करीब 1 हजार गोवंश
शहर की सड़कों पर जहां कहीं भी नजर डाले तो हर जगह बेसहारा गोवंश का कब्जा रहता है। शहर की नाईवाली चौक के आसपास तो सर्कुलर रोड पर संख्या बहुत अधिक है। इसके अलावा शहर के बाइपास सहित तमाम सड़क मार्गों पर इनके झुंड बैठे रहते हैं। वहीं शहर की कॉलोनियों में भी बेसहारा पशुओं की संख्या अधिक है। नगर परिषद की तरफ से एक फोटोग्राफर की मौत के बाद इनको पकड़ना प्रारंभ किया था, लेकिन कुछ समय बाद अभियान फिर बंद हो गया। अब दोबारा से हुई घटनाओं के बाद भी नप की नींद दोबारा से खुली है।
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ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह
शहर में बेसहारा पशुओं की वजह से हादसे तो होते रहते हैं। साथ ही सड़कों पर जाम भी लगा रहता है। शहर की शायद ही कोई ऐसी प्रमुख सड़क नहीं होगी, जिस पर बेसहारा पशु घूमते नजर न आएं। खासकर सर्कुलर रोड पर हालात और भी ज्यादा खराब है। इसके चलते अब सर्कुलर रोड से ही पशुओं को पकड़ा जा रहा है।
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अधिकारी का वर्जन
रेवाड़ी शहर की विभिन्न सड़कों से तीन दिनों में 40 बेसहारा पशुओं को पकड़कर धारूहेड़ा गोशाला भेजा जा चुका है। पशुओं को पकड़ने का टेंडर रोहतक की किसी फर्म को दिया हुआ है। अब यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
-अभे सिंह यादव, ईओ, नगर परिषद