रेवाड़ी। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने चारों लेबर कोड को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और निजीकरण पर रोक लगाने की मांग सरकार से की है। ऐसा नहीं होने पर संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया है। रेवाड़ी डिपो कर्मशाला में रविवार को हुई गेट मीटिंग में मांगों को लेकर आवाज उठाई गई।
रेवाड़ी डिपो कर्मशाला में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) की डिपो कमेटी की ओर से राज्य स्तरीय जत्थे का स्वागत किया गया। इसके बाद डिपो प्रधान प्रवीण यादव की अध्यक्षता में गेट मीटिंग हुई। संचालन डिपो कमेटी सदस्य रविंद्र ने किया।
मुख्य वक्ता राज्य उपमहासचिव पवन शर्मा, राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया, राज्य सचिव नरेंद्र सांगा और कार्यालय सचिव सतबीर मुंढाल उपस्थित रहे। पवन शर्मा ने कहा कि सरकार चारों लेबर कोड को रद्द करे। रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के साथ हुई वार्ता में मानी गई मांगों के आदेश लागू किए जाएं।
राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया ने कहा कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। निजी बसों को बढ़ावा देने के बजाय रोडवेज बेड़े में 10 हजार नई सरकारी बसें शामिल की जाएं।
कर्मशाला सहित विभाग में खाली पड़े सभी पदों पर शीघ्र पक्की भर्ती की जाए और नई पेंशन स्कीम को रद्द कर पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए।
चालकों और परिचालकों का आपसी स्थानांतरण कर उन्हें उनके गृह जिलों में भेजा जाए। सरकार जबरन ऑनलाइन तबादला नीति लागू करती है तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
नेताओं ने बताया कि 22 मई 2025 को महानिदेशक के साथ हुई बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी, जिनमें चालकों, लिपिकों व परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाना, एक माह में 30 रात्रि ठहराव के भुगतान की पावर महाप्रबंधकों को देना, 2004 से पहले लगे चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का कर पुरानी पेंशन में शामिल करना शामिल है।
इस मौके पर राजपाल यादव, नवीन यादव, नरेंद्र दखोरा, ब्रह्म यादव, बलवीर गुर्जर, अशोक कुमार, दिनेश कुमार, अभिजीत यादव, भूपेंद्र चौहान, प्रवीण लंबा, रामकिशन यादव, रामकिशन फौजी, जगदीश चौहान, विनोद धवाना, संदीप निमोठ, प्रदीप यादव, जितेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।