संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विद्यार्थियों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का डेटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को 20 मई तक जानकारी अपलोड करनी होगी। ऐसा न होने पर अगर विद्यार्थी योजनाओं से वंचित हुए तो इसके लिए बीईओ, प्राचार्य और कक्षा प्रभारी को जिम्मेदार माना जाएगा।
स्कूलों को पोर्टल पर विद्यार्थियों का बैंक खाता, आधार, पीपीपी और अन्य जानकारियां अपलोड करनी होगी। मौलिक शिक्षा निदेशालय के अनुसार कई स्कूलों ने अभी तक छात्रों के परिवार पहचान पत्र, बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम और आईएफएससी कोड जैसे आवश्यक विवरण अपडेट नहीं किए हैं।
इसके चलते योजनाओं का लाभ देने में बाधा आ रही है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने डीईईओ को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों को जल्द डेटा अपडेट करने के निर्देश दें।
पहली कक्षा में आठवीं विद्यार्थियों के लिए बैंक खाता खुलवाना भी अनिवार्य किया है, ताकि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से छात्रवृत्तियां, यूनिफॉर्म, मैग, और स्टेशनरी भत्ता सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजा जा सके।
यदि डाटा अधूरा रहता है और कोई पात्र विद्यार्थी योजनाओं से वंचित रहता है तो इसके लिए संबंधित जिला कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय प्रमुख, और कक्षा इंचार्ज पूरी तरह से जिम्मेदार माने जाएंगे।
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बैंक खाते में सीधे डाली जाएगी छात्रवृत्ति
विभाग की तरफ से बच्चे को मिलने वाली छात्रवृत्ति व अन्य प्रोत्साहन राशि उसके खाते में सीधे जाएगी। इसलिए विभाग ने सभी विद्यार्थियों डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। सभी विद्यार्थियों को परिवार पहचान पत्र का आईडी नंबर, बैंक खाता संख्या, बैंक आईएफएससी कोड और बैंक नाम सहित पूर्ण डाटा सुनिश्चित करना होगा।
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वर्जन:
वन स्कूल एप पर छात्रों का डाटा 20 मई तक अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले।-सुभाष चंद्र, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।