रेवाड़ी के विकास यादव अपनी ई-साइकिल को प्रदर्शित करते हुए। स्रोत : स्वयं
रेवाड़ी। युवाओं के स्वरोजगार और उनके स्वावलंबन से जुड़ी हरियाणा सरकार की स्टार्ट अप योजना अब रंग दिखाने लगी है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान (भारत मंडपम) में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2023 में हरियाणा से जुड़े कई ऐसे स्टार्टअप्स को जगह दी गई है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से एमएसएमई से जुड़े छोटे व्यवसायियों ने हिस्सा लिया है। हरियाणा मंडप में आधुनिक तकनीक से बनी ई-साइकिल को भी शामिल किया गया है। ई-साइकिलिंग का यह प्रोजेक्ट स्टार्ट अप बालावास अहीर निवासी विकास यादव (34) लेकर आए हैं। मेक इन इंडिया के स्लोगन से प्रेरित होकर विकास ने मेक इन हरियाणा को अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने पैनासोनिक बैटरी सेल से बैटरी पैक तैयार किया जो ई-साइकिल के लिए परफेक्ट है। यह ई-साइकिल सभी वर्गों को देखते हुए तैयार की गई है। इस ई-साइकिल में ग्रामीण क्षेत्र में 50 से 60 किलोमीटर जाने के लिए मात्र 3 रुपये का खर्च आता है और वहीं शहरी क्षेत्र में यह खर्च 5 रुपये तक आता है। ई साइकिल की कीमत 25 हजार से लेकर 60 हजार रुपये तक है।
नौकरी गई तो फिर ई-साइकिल बनाने का लिया निर्णय
विकास यादव इससे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में बहुचर्चित कंपनी टेस्ला में नौकरी कर चुके हैं। कोविड महामारी के दौरान उनकी नौकरी चली गई, जिसके बाद भारत लौटकर उन्होंने अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करने की ठानी। उस समय के हालात और आम जनमानस के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने ई-साइकिल बनाने का निर्णय लिया। इस साइकिल की विशेष बात यह है कि यह आम आदमी को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण से निजात दिलाने के साथ ही ट्रैफिक जाम से छुटकारा दिलाने में भी मददगार साबित होगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
भारत की पहली साइकिल कंपनी जिसमें है तीन ड्राइव विकल्प
विकास यादव ने बताया कि यह भारत की पहली साइकिल कंपनी है जिसके पास ई-साइकिल में फ्रंट ड्राइव, मिड ड्राइव और रेयर ड्राइव के विकल्प हैं। विकास ने बताया कि उन्होंने विदेशों में एक्सपोर्ट के लिए सैंपल कोरिया, नीदरलैंड और साउथ अफ्रीका में भेजे हैं। उनके इस स्टार्टअप को विदेशों में भी बहुत अच्छा रिस्पांस देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की बेहतरीन व्यापारी हितैषी नीतियों और योजनाओं के कारण ही यह संभव हो पाया है।