गांव ढ़ाणी शोभा की सड़क पर किसान द्वारा बेखेरे गए गेंदे के फूल। संवाद
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खंड खोल के अनेक गांवों में किसान गेंदे के फूल की खेती करते हैं। लेकिन, जब दिल्ली में उसका कोई खरीदार नहीं मिला तो उन्होंने उसे सड़क पर ही बिखेर दिया। यहां पर मंडी नहीं होने से किसानों को फूल बेचन के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि गेंदे के फूल की खरीदारी कुंड में भी कराई जाए, ताकि उनकी मेहनत का उन्हें फल मिल सके।
किसान अजय कुमार, सुनील कुमार, सुभाष, महेंद्र व मिंटू ने बताया कि खंड खोल के गांव ढाणी कोलाना, ढाणी शोभा, ढाणी राधा, अहरोद व भैरू का बास में अधिकतर किसान कई सालों से गेंदे के फूल की खेती कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि फूल की खेती से किसानों को कम समय में अच्छी आमदनी होती है। लेकिन फूलों को बेचने के लिए उनको दिल्ली जाना पड़ता है, जिससे समय खराब होता है। किसानों ने बताया कि फूल को बेचने के लिए उन्हें खुद दिल्ली जानी पड़ता है या फिर एक खरीदार फूलों को दिल्ली बेचने जाता है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी में गेंदे के फूलों के खरीदार कम ही हैं।
किसानों ने बताया कि जब दिल्ली में वे फूल बेचने जाते हैं तो उनके फूलों को कोई खरीदार नहीं मिलता है। किसानों ने बताया कि गांव ढाणी शोभा का किसान मटरू किसानों से गेंदे के फूल खरीद कर अपने वाहन में लाद कर दिल्ली बेचने जाता है, लेकिन वीरवार को फूलों को जब वाजिब दाम व खरीदार नहीं मिला तो उसने रोष में आकर बासदूदा गांव से ढाणी कोलाना को जाने वाली सड़क पर हजारों रुपये के फूल बिखेर दिए। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि कुंड मंडी में फूलों की बिक्री शुरू की जाए, ताकि उनको गेंदे के फूलों से समय की बचत के साथ-साथ अच्छी आमदनी हो सके।