संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बिजली बचाने की दिशा में सरकार लोगों को जागरूक कर रही है। वहीं लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति रुझान बढ़ा है। जिला परिषद की ओर से भी सोलर लाइट की मांग बढ़ी है। जिले के 100 गांवों में 2162 सोलर स्ट्रीट लाइट लगेंगी। साथ ही 40 हाईमास्ट लाइट भी लगाई जाएगी। इनके वर्क ऑर्डर हो चुके हैं।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से गांवों की सोलर लाइट लगवाई जा रही है। ग्राम पंचायतों में लगने वाली सोलर स्ट्रीट लाइट की कीमत 16 हजार 500 रुपये है। इस पर 4 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इसी तरह हाईमास्ट पर भी अनुदान मिलता है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से सरकारी दफ्तरों, स्कूल-कॉलेजों में भी सोलर सिस्टम लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम लगवाने पर जहां सब्सिडी भी दी जा रही है।
ऐसे में किसानों में भी सोलर पंप के प्रति रुझान बढ़ा है। जिले में 5 साल में 3 हजार किसानों ने अपने खेतों पर सोलर पंप लगवाया है, जबकि 400 जगह के वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। इनका कार्य भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। सोलर सिस्टम इसलिए लगवाए जा रहे हैं कि ऊर्जा की बचत होती है। साथ ही बिजली बिल का झंझट नहीं रहता है।
तीन से 10 एचपी के पंप पर 75 प्रतिशत अनुदान
नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से किसानों के लिए अपनी ट्यूबवेल पर 3 से 10 एचपी तक के सोलर वाटर पंप लगवाने पर 75 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। किसान खेतों की सिंचाई सौर ऊर्जा संयंत्रों से कर सकेंगे। यह वाटर पंप सीधे ग्रिड से जुड़ेंगे और अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड में जाएगी। इससे किसानों को आमदनी भी होगी। इसके लिए समय-समय पर आवेदन निकलते हैं। ऑनलाइन ही ये आवेदन करने पड़ते हैं। वर्ष 2019 से अब तक 3 हजार किसानों ने यह लगवाए हैं। जबकि 400 किसानों के खेतों में लगने हैं।
जिला सचिवालय व अस्पताल में लगे हैं सोलर पैनल
जिला सचिवालय में 200 किलोवाट और नागरिक अस्पताल में 90 किलोवाट के सोलर पैनल लगे हैं। कोसली क्लस्टर के 26 प्राइमरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी सोलर पैनल लगे हैं। अन्य सरकारी कार्यालयों से भी डिमांड मांगी जा रही है। जैसे ही डिमांड आएगी, उनको भेज दिया जाएगा। सौर ऊर्जा के कई लाभ हैं, जो लोग इसके प्लांट लगा रहे हैं उनको इनका दोहरा लाभ मिल रहा है। उनका बिजली का बिल भी नहीं आता। जिले में सौर ऊर्जा को लोग अपना रहे हैं। वर्तमान में सौर ऊर्जा से घरों में बिजली, किसान सिंचाई सोलर पंप, पेट्रोल पंप चलाने वाले, शिक्षण संस्थाएं आदि सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर इसका लाभ ले रहे हैं। रेवाड़ी जिला में धारूहेड़ा व बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं तथा इनमें उद्योगपति भी सोलर लगवाने लगे हैं।