संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। औद्योगिक क्षेत्र स्थित कूलर बनाने वाली फैक्ट्री माइक्रो प्रोसीज में मंगलवार की सुबह साढ़े 4 बजे आग लग गई। दमकल की 20 गाड़ियों की मदद से 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, तबतक काफी नुकसान हो चुका था। शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
कूलर फैक्टरी में आग लगने की सूचना डेढ़ घंटे की देरी से साढ़े 5 बजे फायर ब्रिगेड को दी गई। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां पहुंचीं लेकिन भीषण आग को देखते हुए 6 और गाड़ियां बुलाई गईं। कंपनी में रॉ मैटेरियल ज्यादा होने के कारण आग फैलती गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद फिर गाड़ियां बुलाई गईं। कुल 20 गाड़ियों की मदद से 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में कंपनी को काफी नुकसान हुआ है।
आग बुझाने के लिए धारूहेड़ा, रेवाड़ी, पटौदी, कोसली, भिवाड़ी, खैरथल, झज्जर, सोहना, गुरुग्राम से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई थीं। कूलर फैक्टरी के आसपास भी कई फैक्टरियां हैं। ऐसे में अन्य फैक्टरियों को आग से बचाने के उद्देश्य से आग बुझाने में अधिक गाड़ियों की मदद ली गई। आशंका जताई जा रही है आग शॉर्ट सर्किट से लगी होगी। आग लगने के कारणों को पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फैक्टरी में कई नामी ब्रांड के कूलर बनते हैं।
फैक्टरी में आपातकाल स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए वाटर फायर सिस्टम तो था, लेकिन वह मौके पर काम नहीं आया। फायर ब्रिगेड के एक कर्मचारी ने बताया कि वाटर फायरिंग प्वाइंट रा-मैटेरियल से दबा हुआ था, जिसके कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। अग्निशमन की व्यवस्था पहले से दुरुस्त होनी चाहिए थी।
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एक घंटा की देरी से दी दमकल को दी गई आग की सूचना
फैक्टरी में सुबह करीब साढ़े 4 बजे आग लगी थी। पहले फैक्टरी के कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आसपास ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग लगातार फैलती चली गई। जब आग बुझाने में कर्मचारी सफल नहीं हुए तो इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। करीब 1 घंटे की देरी से साढ़े पांच बजे फायर विभाग को आग लगने की सूचना दी गई थी। अगर समय रहते फायर ब्रिगेड को जानकारी दे दी जाती तो नुकसान कम होता। कंपनी में ज्वलनशील प्लास्टिक और गत्ता होने के कारण आग ज्यादा भड़की। आग की लपटें एक बार तो कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तक पहुंच गई थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने उस पर समय रहते काबू पा लिया था। इससे कंपनी में और ज्यादा नुकसान होने से बच गया। फायर विभाग यही कोशिश थी कि आग आसपास न फैलने पाए।
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वर्जन
आग लगने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस का आकलन किया जा रहा है। अभी आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। कोई कर्मचारी हताहत नहीं हुआ है। -अनिल शर्मा, एचआर, माइक्रो प्रोसीज धारूहेड़ा।
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आग की सूचना विभाग को साढ़े 5 बजे मिली थी। मौके पर टीम रवाना हो गई थी। आग ज्यादा फैलने के कारण आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों की मदद ली गई। फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया था। आग लगने का कारणों का पता नहीं चल पाया है।- देशराज, स्टेशन इंचार्ज, फायर ब्रिगेड धारूहेड़ा।