रेवाड़ी। हरियाणा में अवैध रूप से कचरा डालने और पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने कड़ा रुख अपनाया है। गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान बोर्ड ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रिपोर्ट में एचएसपीसीबी ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का उल्लंघन करने वालों पर अब तक कुल 52.36 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
बोर्ड ने केवल जुर्माना ही नहीं लगाया बल्कि गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम और नगर निगम अंबाला के खिलाफ न्यायालय में मामले दायर किए गए हैं जो वर्तमान में विचाराधीन हैं।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों का पालन करते हुए सभी जिलों में सड़कों, नदियों, जल स्रोतों, सार्वजनिक स्थानों और पंचायत भूमि पर कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।
ये है पूरा मामला
यह मामला धारूहेड़ा क्षेत्र में राजीव गांधी खेल स्टेडियम के पास अवैध रूप से कचरा डालने और आवारा पशुओं की समस्या से संबंधित है जिसे प्रकाश यादव ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के समक्ष उठाया था। इस पर अधिकरण ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे हरियाणा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश के 87 शहरी निकायों को 11 एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समूहों में विभाजित किया गया है। इनमें से कुछ समूहों को संचालन की अनुमति मिल चुकी है जबकि शेष पर कार्य जारी है।
अब जिम्मेदारी तय की जा रही: प्रकाश
प्रकाश यादव ने बताया कि एचएसपीसीबी की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करेगा सिद्धांत के तहत अब जिम्मेदारी तय की जा रही है। बोर्ड ने न्यायालय को आश्वस्त किया है कि भविष्य में भी पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।