नगर परिषद में आरोप-प्रत्यारोप का दौर बदस्तूर जारी है। वर्क ऑर्डर मामले पर अमर उजाला में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद एक तरफ जहां रेवाड़ी विधायक ने पत्रकार वार्ता कर नगर परिषद से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
वहीं, दूसरी तरफ कुछ पार्षदों द्वारा उनके इलाके के लिए विकास कार्यों की सूची में एक भी काम न होने की बात को ईओ ने झूठी बताया, जिस पर पार्षद और उखड़ गए हैं।
असंतुष्ट पार्षदों ने ईओ व नप प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे तौर पर दोनों के बीच मिलीभगत करार दे दिया है। वहीं वार्ड-9 के पार्षद मनीष चराया ने भी असंतुष्ट पार्षदों की बात से इत्तेफाक रखते हुए सूची में भेदभाव होने की बात कही है।
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विकास कार्य होने चाहिए थे पास
प्रस्तावित विकास कार्य पहले हाउस की बैठक में रखे जाते हैं। लेकिन हाउस की किसी भी मीटिंग में इनका प्रस्ताव ही नहीं रखा गया। यह पूरी तरह से गलत है। नगर परिषद में कानून की खुली तौर पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
-प्रमिला भार्गव, पार्षद वार्ड-31
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राव इंद्रजीत की ओर से ग्रांट पैसा लग रहा है, न कि नप का
नप के कार्यकारी अधिकारी डा. विजयपाल यादव का कहना कि वार्ड-3 में 11 लाख रुपये लग रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह पूरा सच नहीं है। दरअसल उनके वार्ड में सामुदायिक केंद्र के लिए रकम राव इंद्रजीत की ओर से दी गई है।
- विनीता पीपल, पार्षद, वार्ड-3
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विकास कार्यों के लिए पार्षदों की समिति गठित की गई है, लेकिन इस कमेटी को नहीं बताया जाता कि कहां कितना पैसा लग रहा है और कितनी ग्रांट कहां से मिल रही है। मॉडल टाउन में पोखराज के मकान से डा. केसर के मकान तक सड़क में गड्ढे बने हुए हैं। इस सड़क को हाउस में पास कराने के बावजूद नहीं बनाया जा रहा है। इस बाबत सीएम विंडो पर भी शिकायत की गई है। जबकि सेल्स टैक्स कार्यालय के पास 350 फुट रोड करीब 12 लाख रुपये में बनाई जा रही है। यह राशि काफी अधिक है।
-गीता अरोडा, पार्षद, वार्ड-19
महिला पार्षदों को किया दरकिनार
सरकार जहां महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है, वहीं नगर परिषद में जारी विकास कार्यों की सूची और ही कहानी बयां कर रहा है। सूची देख लीजिए, महिला पार्षदों को मिली रकम ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
-पूूनम सतीजा, पार्षद, वार्ड-8
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ईओ ने जो अपने आपको सच्चा साबित करने के लिए बयान दिए हैं वो झूठे हैं। ईओ 3 लाख की लागत से जो स्ट्रीट लाइट लगवाने की बात कर रहे हैं। वह 2013 में तत्कालीन विधायक की ओर से पास हुई थी। वह भी अभी तक नहीं लगी, मेरी रकम अधिकारी पी गए।
- सुरेंद्र मेहंदीरत्ता, पार्षद पति, वार्ड-11
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क्या बोले, नप ईओ
सभी वार्डों में विकास की राशि दी गई है। यह गलत है कि राशि नहीं मिली। पार्षद गुरदयाल के वार्ड 12 में दो रेवेन्यू के रास्ते हैं, जो कि गांव तक जाते हैं, जिन्हें बनाने व अन्य कार्य के लिए 60 लाख रुपये की राशि जारी की गई। नप हाउस में केवल 10 लाख रुपये तक के कामों के लिए ही मुहर लगती है। इस वार्ड के लिए यह राशि निकाय विभाग के डायरेक्टर व तकनीकी स्तर चीफ सेक्रेट्री से अनुमति मिली है।
-डा. विजयपाल, ईओ, नगर परिषद