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Rewari News: कैसे हो काम... नप अधिकारी फरमा रहे आराम

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फोटो : 02रेवाड़ी नगर परिषद कार्यालय
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रेवाड़ी। नगर परिषद में अपनी शिकायतों के समाधान को लेकर आज भी लोग चक्कर काटने को मजबूर हैं। अपने कार्य न होने के कारण निराश होकर लोगों को वापस लौटना पड़ता है। यह स्थिति तब है जब पिछले महीने सीएम फ्लाइंग की टीम ने जांच कर कई शिकायतों का लंबित होना पाया था। अभी तक लंबित शिकायतों पर भी नगर परिषद की कार्रवाई सुस्त ही नजर आ रही है।
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ज्यादातर शिकायतों का समाधान नहीं हो पाया है। जांच में नगर परिषद में जन संवाद की शिकायतें डीएमसी पोर्टल पर 14, निदेशक पोर्टल पर 5 और सीएम विंडो की शिकायतें डीसी पोर्टल पर 2, निदेशक पोर्टल पर 44 व डीएमसी पोर्टल पर 109 शिकायतें ओवरड्यू पाई गई थीं। 77 नई प्रापर्टी आईडी व पुरानी प्रापटी में सुधार के लिए 157 आवेदन लंबित पाए गए थे। निरीक्षण के दौरान इमारत निर्माण के 42 नक्शे लंबित पाए गए थे। मौजूदा समय में अधिकतर शिकायतों का समाधान होना अभी भी बाकी है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों का समाधान किया जा चुका है, जिन मामलों में कागज पूरे नहीं है वे ही शिकायतें पेंडिंग हैं। नगर परिषद में कार्य ठीक प्रकार से न होने का कारण कर्मचारियों की कमी को भी बताया जा रहा है।



मुख्यालय की तरफ से नहीं की गई ठोस कार्रवाई

सीएम फ्लाइंग की तरफ से लिस्ट बनाकर मुख्यालय को कार्रवाई के लिए भेजी थी। टीम की तरफ से निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के संबंध में सभी जिम्मेवार अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए निदेशक शहरी एवं स्थानीय निकाय पंचकूला को कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजा गया था। मुख्यालय की तरफ से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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एक नाले की सफाई कराने को लेकर कई महीनों से जूझ रही ब्रांड एंबेसडर

शिकायतों पर ठोस कार्रवाई न करने का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खुद स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर प्रियंका यादव एक नाले की सफाई कराने को लेकर संघर्ष कर रही हैं। जुलाई 2024 में नारनौल रोड की सफाई के लिए उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों से आग्रह किया था। कई बार अधिकारियों से उन्होंने बातचीत भी की। फिर भी टालमटोल करके सफाई के कार्यों को ठंडे बस्ती में डाल दिया गया। अब जब मामला राइट टू सर्विस कमीशन के पास चला गया है तो नगर परिषद के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। नगर परिषद के अधिकारी तभी हरकत पर आते हैं, जब मामला आगे तक चला जाता है।

हर साल घाटे में जा रहा नगर परिषद

हर साल नगर परिषद के घाटे में रहा है। बात चाहे विकास शुल्क, किराया, स्टैंप ड्यूटी से लेकर प्रापर्टी टैक्स वसूलने की हो, नगर परिषद नाकाम साबित हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में 72.50 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। तय इनकम नहीं आई है। जबकि 31 मार्च तक मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त हो जाएगा। बीते कुछ वर्षों की बात करें तो वर्ष 2022 में 72.10 करोड़ का बजट पास हुआ था, 64.09 करोड़ इनकम आई थी। वर्ष 2023 में 77.60 करोड़ का बजट पास हुआ था, 45.99 करोड़ इनकम हुई थी। नगर परिषद को सबसे ज्यादा घाटा वर्ष 2023 में उठाना पड़ा है, वर्ष 2023 में 25 करोड़ का घाटा हुआ है। लगातार हो रहे घाटों का कारण खुद नगर परिषद ही है।

वर्जन

नगर परिषद की तरफ से शिकायतों के समाधान पर जोर दिया जा रहा है। अधिकतर शिकायतों का समाधान भी किया जा चुका है। हो सकता है कुछ शिकायतें ऐसी हों, जिसमें संबंधित व्यक्ति के कागज पूरे न हों। अधिकतर का समाधान अब किया जा चुका है।
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-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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