रेवाड़ी। हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे बने मकान लोगों की जान पर खतरा बनते जा रहे हैं। जिले में 11 केवी की 96 लाइनों और 33 केवी की एक लाइन के नीचे लोगों ने मकान बना लिए हैं। इनमें कई अवैध कॉलोनियां भी शामिल हैं।
हालांकि, इन मामलों में संबंधित विभागों द्वारा नोटिस तो जारी किए गए लेकिन कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई। इसी बीच हाईकोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने ओवरहेड लाइनों के नीचे हुए निर्माणों पर कार्रवाई करने या उन्हें सुरक्षित करने के संबंध में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को भी इस समस्या के समाधान के लिए उठाए कदमों की जानकारी देने के निर्देश दिए।
उम्मीद जताई जा रही है कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद लाइन शिफ्टिंग में तेजी आएगी। अगली सुनवाई में सरकार को इन लाइनों की स्थिति और कार्यों का ब्योरा देना होगा।